बस्तर के लाल का कमाल : कटेकल्याण के जंगलों से निकलकर अब दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर आग उगलेगी रुद्रप्रताप की गेंद
दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण गांव के युवा तेज गेंदबाज रुद्रप्रताप देहारी का चयन मुंबई इंडियंस-रिलायंस टीम में हुआ है। 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले रुद्रप्रताप अब 10 अगस्त को टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका दौरे पर रवाना होंगे। उन्होंने बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट्स में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है।
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कीर्तिमान न्यूज
09 Aug 2026, 08:40 AM
जगदलपुर
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल का नाम अब सिर्फ उसकी प्राकृतिक खूबसूरती या दुर्गम इलाकों के लिए ही नहीं, बल्कि खेल के मैदान पर रचते इतिहास के लिए भी जाना जाएगा। दंतेवाड़ा जिले के छोटे से गांव कटेकल्याण के रहने वाले रुद्रप्रताप देहारी ने अपनी मेहनत और कातिलाना रफ्तार के दम पर वो मुकाम हासिल कर लिया है, जिसका सपना हर युवा क्रिकेटर देखता है। लगातार 140 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से गेंद फेंकने वाले इस युवा तेज गेंदबाज का चयन मुंबई इंडियंस-रिलायंस टीम में हो गया है।
कोच के साथ पेशेवर क्रिकेट की समझी बारीकियां
रुद्रप्रताप 10 अगस्त को अपनी नई टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर रवाना हो रहे हैं। रुद्रप्रताप की यह कामयाबी रातों-रात नहीं मिली है। करीब चार साल पहले क्रिकेट में अपना भविष्य तलाशने के लिए उन्होंने अपने गृहग्राम कटेकल्याण से जगदलपुर का रुख किया था। यहाँ उन्हें स्थानीय क्रिकेटर प्रदीप गुहा की क्रिकेट अकादमी का साथ मिला। प्रदीप गुहा की देखरेख में रुद्रप्रताप ने पहली बार पेशेवर क्रिकेट की बारीकियों को समझा और ड्यूज (चमड़े की) बॉल से अभ्यास करना शुरू किया।
दिन-रात की कड़ी ट्रेनिंग ने और सुधारा गेंदबाजी
शुरुआत से ही उनकी गेंदबाजी में नैसर्गिक तेजी थी। कोच प्रदीप गुहा को जब उनकी प्रतिभा का अहसास हुआ, तो उन्होंने रुद्रप्रताप की सही स्पीड नापने के लिए खास तौर पर एक स्पीड गन (मशीन) मंगवाई। उस दौर में रुद्रप्रताप 120 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालते थे। लेकिन अकादमी में दिन-रात की कड़ी ट्रेनिंग, वर्कआउट और गेंदबाजी एक्शन में सुधार के बाद आज उनकी रफ्तार 140 किमी प्रति घंटे के पार पहुँच चुकी है।
चयनकर्ताओं का खींचा ध्यान
रुद्रप्रताप ने केवल नेट्स पर ही अपनी गेंदों से गिल्लियां नहीं उखाड़ीं, बल्कि मैच के दौरान बड़े-बड़े बल्लेबाजों को भी खूब छकाया। उन्होंने बीसीसीआई के प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट्स—अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी, वीनू मांकड़ ट्रॉफी और अंडर-23 सीके नायडू ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी छाप छोड़ी। बीते दो सीजन में कूच बिहार और सीके नायडू ट्रॉफी में उनकी धारदार गेंदबाजी ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को ध्यान खींचने पर मजबूर कर दिया।
दक्षिण अफ्रीका में दिखेगा रूद्रप्रताप जलवाछत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग में रूद्रप्रताप का खौफ
इसी प्रदर्शन के दम पर वे बहुत कम समय में राज्य के सबसे भरोसेमंद और उभरते हुए तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए। हाल ही में संपन्न हुई छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग (CPL) में भी रुद्रप्रताप की गेंदों का खौफ साफ देखने को मिला। पूरी प्रतियोगिता में उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और टूर्नामेंट के 'बेस्ट बॉलर' का खिताब अपने नाम किया। इस समय रुद्रप्रताप कर्नाटक में छत्तीसगढ़ की रणजी टीम के साथ अभ्यास शिविर (ट्रेनिंग कैंप) में पसीना बहा रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुंबई इंडियंस-रिलायंस टीम में चुने जाने की खबर मिली, जिसने उनके पूरे परिवार और बस्तर के खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ा दी।
कटेकल्याण से शुरू सफर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
कभी बस्तर की उबड़-खाबड़ पगडंडियों पर दौड़कर क्रिकेट का सपना देखने वाले रुद्रप्रताप अब दक्षिण अफ्रीका की उछाल भरी पिचों पर अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाएंगे। कटेकल्याण से शुरू हुआ यह सफर अब सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट ढांचे तक पहुँच चुका है, जो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है।