जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के उद्देश्य से आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने विकासखंड बागबाहरा के ग्राम जोरातराई एवं ग्राम रैताल का दौरा करते हुए ट्रांजेक्ट वॉक किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया।इस दौरान कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ गांव की गलियों, बस्तियों तथा सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कर स्थानीय परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर ही जनजातीय परिवारों की समस्याओं, आवश्यकताओं तथा विकास संबंधी अपेक्षाओं को विस्तार से समझा और विभिन्न स्तरों पर उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
चौपाल लगाकर योजनाओं की जानकारी
भ्रमण के बाद कलेक्टर ने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर बैठकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जनजातीय गरिमा उत्सव के उद्देश्य, शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा चल रहे विकास कार्यों की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने कहा कि गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझे बिना प्रभावी और स्थायी विकास संभव नहीं है।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ट्रांजेक्ट वॉक का मुख्य उद्देश्य गांवों की जमीनी स्थिति को समझना है, ताकि पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का वास्तविक आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर शीघ्र ही समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा सके।चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं रखीं। इनमें पेयजल व्यवस्था, सड़क सुधार, रोजगार के अवसर, शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर मिलने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए और कई विषयों पर ग्रामीणों से सीधे सुझाव भी लिए।
अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ मंडावी, सहायक आयुक्त शिल्पा साय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
प्रशासन
द्वारा बताया गया कि जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत जनसुनवाई कार्यक्रम
21 से 25 मई तक जिले के विभिन्न जनजातीय ग्रामों में लगातार आयोजित किए जा
रहे हैं, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों तक शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से
पहुंचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है।
