नवापारा-राजिम अंचल में रबी फसल के बाद अब किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। गांवों में सुबह से लेकर देर शाम तक किसान अपने खेतों की साफ-सफाई, मेढ़ सुधार और जुताई की तैयारी में जुटे हुए हैं। मानसून से पहले खेती को बेहतर बनाने के लिए किसान हर जरूरी व्यवस्था पूरी करने में लगे हैं। खेतों में ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों की आवाजाही भी बढ़ गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी का माहौल नजर आने लगा है। खरीफ फसल की तैयारी के साथ ही किसान अब खाद, बीज और नगद कृषि ऋण लेने के लिए सहकारी समितियों का रुख कर रहे हैं।
ग्रामीण सेवा सहकारी समिति मर्यादित नवापारा में भी बड़ी संख्या में पंजीकृत किसान पहुंच रहे हैं। यहां किसानों को शासन की गाइडलाइन के अनुसार नियमित रूप से खाद, बीज और ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए समिति में व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रखी गई हैं।
समिति प्रबंधन ने दी उपलब्ध संसाधनों की जानकारी
सोसायटी अध्यक्ष छन्नूराम साहू और समिति प्रबंधक नूतन साहू ने बताया कि किसानों को प्रति एकड़ डीएपी, यूरिया और पोटाश की एक-एक बोरी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा राखड़ की दो बोरी भी किसानों को दी जा रही है। प्रमाणित धान बीज महामाया और सारना किस्म 3538 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध है, जबकि 30 किलो वाले कट्टा बोरी की कीमत 1061 रुपये 40 पैसे निर्धारित की गई है। समिति प्रबंधन के अनुसार किसानों को प्रति एकड़ 70 प्रतिशत नगद राशि कृषि ऋण के रूप में दी जा रही है, जबकि 30 प्रतिशत राशि खाद और बीज के रूप में उपलब्ध कराई जा रही है।
इससे किसानों को खरीफ सीजन की शुरुआत में आर्थिक राहत मिल रही है और खेती की तैयारी समय पर पूरी हो पा रही है।
किसानों को समय पर मिल रही सुविधाएं
समिति प्रबंधन का कहना है कि सभी पंजीकृत किसानों को पारदर्शी तरीके से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। किसानों ने भी समय पर खाद, बीज और ऋण मिलने पर संतोष जताया है। आने वाले दिनों में मानसून की दस्तक के साथ खेती-किसानी की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।

