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मुख्यमंत्री साय से चेन्नई के पत्रकारों ने की मुलाकात, स्मृति-चिह्न भेंट कर किया सम्मान
मुख्यमंत्री साय से चेन्नई के पत्रकारों ने की मुलाकात, स्मृति-चिह्न भेंट कर किया सम्मान
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बस्तर में शांति के बाद विकास ने पकड़ी रफ्तार, पर्यटन और उद्योग से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सफलता के बाद बस्तर में शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना से दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और आजीविका की सुविधाएं पहुंच रही हैं। सरकार पर्यटन, नई औद्योगिक नीति और आधुनिक क्षेत्रों में निवेश के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।

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प्रकाशित: 22 Aug 2026, 12:34 PM · अपडेट: 01 Oct 2026, 11:03 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास की दौड़ में पीछे रहे बस्तर में अब शांति, विश्वास और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। सुरक्षा के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है। बस्तर की प्राकृतिक संपदा, संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को विकास से जोड़कर क्षेत्र के लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना हमारी प्राथमिकता है। 
मुख्यमंत्री साय ने विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्र सूचना कार्यालय, चेन्नई के निदेशक पी. अरुण कुमार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए चेन्नई के पत्रकारों के दल  से चर्चा के दौरान यह बात कही। 

नक्सलवाद के खिलाफ सफलता से बस्तर में तेज हुआ विकास

मुख्यमंत्री साय ने पत्रकारों से छत्तीसगढ़ में विकास की बदलती तस्वीर, बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के बाद तेज हुई विकास गतिविधियों, राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति, निवेश एवं रोजगार की संभावनाओं तथा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे विस्तार पर चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित किया। दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के बढ़ते विश्वास से बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर आगे बढ़ रहा है।

नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के गांवों में पहुंच रहा विकास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलवाद के कारण शासन की पहुंच कठिन थी, वहां आज विकास की योजनाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, राशन, बैंकिंग और आजीविका की सुविधाओं में वृद्धि हुई है। सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर में विकास और समृद्धि की ऐसी मजबूत नींव तैयार करना है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर हो।

पर्यटन से बढ़ेंगे बस्तर में रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की भी अपार संभावनाएं हैं। यहां के प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, वन संपदा, जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं की विशिष्ट पहचान है। शांति स्थापित होने के साथ पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के लिए नए अवसर बन रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि बस्तर की विशिष्टताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले तथा पर्यटन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री साय ने पत्रकारों को राज्य में औद्योगिक विकास की संभावनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और कृषि संपदा से समृद्ध होने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर है। राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन और नए एवं उभरते क्षेत्रों के उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरल प्रक्रियाओं और उद्योग अनुकूल वातावरण के कारण देश-विदेश के निवेशकों का छत्तीसगढ़ के प्रति आकर्षण तेजी से बढ़ा है।

भविष्य के उद्योगों में निवेश से बढ़ेंगे रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब परंपरागत उद्योगों तक सीमित नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। पर्याप्त विद्युत उपलब्धता, मजबूत अधोसंरचना, देश के मध्य में भौगोलिक स्थिति और बेहतर कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए अनुकूल बनाती है। सरकार का विशेष जोर ऐसे निवेश पर है, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर तैयार हों। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि रायपुर और नवा रायपुर देश के महत्वपूर्ण एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो रहे हैं।  उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के इन संस्थानों की उपलब्धता से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर अपने ही राज्य में मिल रहे हैं।

शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर भी लगातार काम कर रही है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने चेन्नई से आए पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा फैब के शॉल भेंट कर सम्मानित किया। पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को तमिलनाडु के प्रसिद्ध महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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