शहर में शनिवार का दिन बेहद दर्दनाक
रहा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो छात्रों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक
ओर 11वीं की छात्रा ने सुसाइड नोट लिखकर जान दे दी, वहीं दूसरी ओर बीसीए के छात्र ने भी घर में फांसी लगाकर
अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। दोनों ही मामलों में आत्महत्या की वजह अब तक साफ
नहीं हो सकी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

3 बजे पढ़ाई के लिए गई, सुबह फंदे पर मिली
पहली घटना पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के अकलोरडीह की है। यहां 17 वर्षीय वीणा ठाकुर ने अपने घर में दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जरवाय में कक्षा 11वीं की छात्रा थी। जानकारी के मुताबिक, वीणा शनिवार तड़के करीब 3 बजे पढ़ाई के लिए कमरे में गई थी। सुबह 6 बजे तक जब वह बाहर नहीं आई, तो परिजनों ने दरवाजा खटखटाया। जवाब नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया, जहां वह पंखे से फंदे पर लटकी मिली।
सुसाइड नोट में परिजनों से मांगी माफी
मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें छात्रा ने लिखा— “सॉरी मम्मी-पापा, मामा-मामी... अब कभी परेशान नहीं करूंगी।” परिजनों ने बताया कि वीणा की मां का निधन 2011 में हो गया था। इसके बाद वह अपने मामा के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। शुक्रवार को वह अपने पिता से मिलने गई थी और रात में वापस लौटी थी।

दूसरी घटना: BCA छात्र ने भी लगाई फांसी
दूसरी घटना स्मृति नगर चौकी क्षेत्र के कोहका स्थित आर्यनगर वार्ड-12 की है। यहां 19 वर्षीय उमेश कुमार साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह रूंगटा कॉलेज में बीसीए सेकंड ईयर का छात्र था। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को शक हुआ। दरवाजा खोलने पर उमेश पंखे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
पिता काम पर थे, फोन पर मिली मौत की खबर
उमेश के पिता ऑटो चालक हैं। घटना के समय वे काम पर गए हुए थे। उन्हें फोन के जरिए बेटे की मौत की सूचना मिली। परिजनों के मुताबिक, उमेश पढ़ाई में ठीक था और उस पर किसी तरह का दबाव भी नहीं था।
जांच के बाद ही सामने आएगी वजह
दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
