गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के वीर सावरकर बालक छात्रावास से एक नया आदेश सामने आया है, जिसने वहां रहने वाले छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। छात्रावास प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सत्र 2025-26 की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद सभी छात्रों को 48 घंटे के भीतर हॉस्टल खाली करना अनिवार्य होगा। इस आदेश के सामने आने के बाद छात्रों में असमंजस और परेशानी की स्थिति देखी जा रही है, क्योंकि अधिकांश छात्र परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद इतनी जल्दी व्यवस्था करने को लेकर चिंतित हैं।
अधीक्षक और वार्डन की सहमति से जारी हुआ आदेश
यह आदेश चीफ वार्डन और असिस्टेंट वार्डन की सहमति से जारी किया गया है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि परीक्षा समाप्त होते ही छात्र अपने-अपने कमरों को खाली कर दें और छात्रावास छोड़ते समय अपनी सभी निजी सामग्रियां साथ ले जाएं। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि छात्र निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और बिना किसी लापरवाही के हॉस्टल खाली करें।
कक्ष सत्यापन और “नो ड्यूज” की प्रक्रिया अनिवार्य
जारी निर्देश के अनुसार, छात्रावास छोड़ने से पहले छात्रों को अपने कमरों का ताला खोलकर केयरटेकर से कक्ष में उपलब्ध सभी सामग्रियों का सत्यापन कराना होगा। इसके अलावा, मेस वेंडर से “नो ड्यूज” प्रमाणपत्र लेना भी अनिवार्य किया गया है। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही छात्रों को छात्रावास छोड़ने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया हॉस्टल की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने और संपत्ति के सही हस्तांतरण के लिए जरूरी है।

छात्रों में बढ़ी चिंता और असुविधा
इस आदेश के बाद छात्रावास में रह रहे छात्रों के बीच असुविधा और चिंता का माहौल बन गया है। कई छात्रों का कहना है कि परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद कम समय में कमरा खाली करना और सामान समेटना उनके लिए मुश्किल होगा। वहीं कुछ छात्रों का यह भी मानना है कि छुट्टियों के दौरान रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। फिलहाल प्रशासन की ओर से आदेश लागू कर दिया गया है और सभी छात्रों को इसका पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
