छत्तीसगढ़ के करतला थाना क्षेत्र के नोनबिर्रा गांव में जमीन सीमांकन के दौरान बड़ा विवाद हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सीमांकन गलत तरीके से और पैसे लेकर किया जा रहा है। इसी बात को लेकर मौके पर अचानक तनाव बढ़ गया और माहौल गरमा गया। विवाद इतना बढ़ गया कि वहां मौजूद राजस्व अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस होने लगी।
आरआई और पटवारी को बंधक बनाने का आरोप
विवाद बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने राजस्व निरीक्षक (आरआई) और हल्का पटवारी को करीब दो घंटे तक कार में बंधक बनाकर रखा। बताया गया कि ग्रामीणों का एक समूह इस बात पर अड़ा था कि सीमांकन गलत किया गया है। इसी दौरान स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और अधिकारी मौके पर फंस गए। आरोप है कि इस दौरान किसी भी तरह से उन्हें वहां से निकलने नहीं दिया गया।
खुदकुशी की धमकी से और बिगड़ा मामला
घटना के दौरान माहौल और तनावपूर्ण तब हो गया जब एक ग्रामीण ने रस्सी लेकर खुदकुशी करने की धमकी दे दी। इस हरकत से मौके पर मौजूद लोग और अधिकारी और अधिक दबाव में आ गए। ग्रामीणों के एक ही परिवार से जुड़े होने की बात भी सामने आई है, जिन्होंने लगातार सीमांकन प्रक्रिया का विरोध किया। इससे पूरा मामला और गंभीर रूप लेता गया।
प्रशासनिक टीम का दौरा और सीमांकन प्रक्रिया
हल्का पटवारी भरत चौहान ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय नायब तहसीलदार करतला के आदेश पर की गई थी। 8 मई को राजस्व निरीक्षक जयपाल सिंह के साथ वे ग्राम नोनबिर्रा के बनियापारा पहुंचे थे। यहां आवेदक संतराम की भूमि, खसरा नंबर 643/1 (रकबा 0.085 हेक्टेयर) का सीमांकन किया जा रहा था। सभी संबंधित पक्षों को विधिवत सूचना देकर मौके पर बुलाया गया था और सीमांकन प्रक्रिया पूरी कर जानकारी भी दी गई थी।
पुलिस कार्रवाई और एफआईआर दर्ज
मामले में पटवारी की शिकायत के आधार पर करतला पुलिस ने चार ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
