सुकमा जिले के दूर-दराज और कभी नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच लगातार मजबूत होती नजर आ रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से जगरगुंडा तहसील के अंदरूनी गांवों में रहने वाले 42 मोतियाबिंद मरीजों की सफल सर्जरी कर उनकी आंखों की रोशनी वापस लौटाई गई है। जिले के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर सर्वे किया और मोतियाबिंद से पीड़ित लोगों की पहचान की। इसके बाद मरीजों को विशेष वाहनों के माध्यम से जिला अस्पताल लाया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका निःशुल्क ऑपरेशन किया गया।
घर-घर पहुंची स्वास्थ्य टीम
जगरगुंडा जैसे दुर्गम इलाकों में कई गांव ऐसे हैं जहां पहुंचना आज भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने कठिन रास्तों को पार कर ग्रामीणों तक पहुंच बनाई। मरीजों को उपचार के लिए जिला अस्पताल तक लाने और वापस घर पहुंचाने की पूरी व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई। जिला चिकित्सालय में सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. खुशबू देवांगन की देखरेख में मिशन दृष्टि योजना के तहत सभी ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किए गए।
माड़वी मुये की जिंदगी में फिर लौटी रोशनी
इस अभियान की सबसे प्रेरणादायक कहानी गेड़ापार गांव के निवासी माड़वी मुये की रही। पिछले कई महीनों से उनकी आंखों की रोशनी लगातार कम हो रही थी, जिससे रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो गया था। जिला अस्पताल में दोनों आंखों का सफल ऑपरेशन होने के बाद अब वे सामान्य रूप से देख पा रहे हैं। ऑपरेशन के बाद खुशी जाहिर करते हुए माड़वी मुये ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे जीवन में फिर से उजाला लौट आया हो। उन्होंने इस सुविधा के लिए सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
मरीजों को फल और आवश्यक सामग्री भी वितरित
सर्जरी के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर मरीजों को फल और अन्य आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने मरीजों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें सुरक्षित उनके गांवों तक पहुंचाया। इस दौरान परिजनों के चेहरों पर भी राहत और खुशी साफ दिखाई दी।
बदलते सुकमा की तस्वीर
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति और विकास के माहौल के कारण अब स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सेवाएं दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही हैं। पहले जहां इलाज के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने ऑपरेशन से लाभान्वित मरीजों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे अपने आसपास के अन्य जरूरतमंद लोगों को भी समय पर जांच और उपचार के लिए प्रेरित करें। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल अब ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी बन रही है।