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लाइफ स्टाइल
Navratri Special: सेंधा नमक ही क्यों खाते हैं? जानें धार्मिक मान्यता और सेहत के फायदे
Navratri Special: सेंधा नमक का इस्तेमाल धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं से जुड़ा है। जानें सेंधा नमक और साधारण नमक में अंतर, सेहत पर इसका असर और सेवन करते समय बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां।
रायपुर
Central Jail: नवरात्र पर रायपुर जेल में आस्था की अनूठी तस्वीर, 760 बंदियों ने रखा उपवास
Central Jail: नवरात्र के दौरान भक्तिमय माहौल बना हुआ है। यहां 760 बंदियों ने नौ दिनों का उपवास रखा है, जिनमें 52 महिला बंदी भी शामिल हैं। बंदी प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और जसगीत के माध्यम से आराधना कर रहे हैं।
धर्म
Angarmoti Temple Dhamtari: जहां झुकते हैं शीश... आस्था, विश्वास और चमत्कार की मान्यताएं... मां अंगारमोती का दरबार
Angarmoti Temple Dhamtari: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गंगरेल बांध के किनारे स्थित मां अंगारमोती मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का इतिहास 400 वर्ष से अधिक पुराना है। यहां दीपावली के बाद आयोजित होने वाला मड़ई मेला विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। धार्मिक परंपराओं के साथ गंगरेल बांध की प्राकृतिक सुंदरता भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। मां अंगारमोती का यह पावन धाम छत्तीसगढ़ की आस्था, लोक-संस्कृति और प्राकृतिक विरासत का अनूठा संगम है।
धर्म
Raipur Temples: पुरानी बस्ती के प्राचीन मंदिर, जहां हर मंदिर की अपनी अनोखी कहानी, जानिए इनका इतिहास
Raipur Temples: पुरानी बस्ती अपने प्राचीन मंदिरों और धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। मां महामाया मंदिर, मां दंतेश्वरी मंदिर, कंकाली मठ और शीतला माता मंदिर से जुड़ी अलग-अलग मान्यताएं और पूजा पद्धतियां इन्हें खास बनाती हैं।
रायपुर
Gariaband News: अनोखी परंपरा, ऋषि पंचमी पर निकली सर्पों की शोभायात्रा, देखने उमड़ी भारी भीड़
Gariaband News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम देवरी में ऋषि पंचमी के अवसर पर एक अनोखी धार्मिक परंपरा देखने को मिली। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक वेशभूषा और बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों के बीच जब दर्जनों सांप शोभायात्रा का हिस्सा बने तो हर किसी की नजरें इस आयोजन पर टिक गईं।
धर्म
Dongargarh News: मां बम्लेश्वरी देवी का नाम कैसे पड़ा? इतिहास और परंपरा में अलग-अलग दावे
Dongargarh News: डोंगरगढ़ की प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी के नाम और इतिहास को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। देवी के नाम की उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग मान्यताएं सामने आने के बाद धार्मिक परंपरा, लोकविश्वास और ऐतिहासिक दस्तावेजों को लेकर बहस शुरू हुई है। इस मामले ने डोंगरगढ़ से जुड़ी पुरानी मान्यताओं को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
धर्म
शिवरीनारायण के तेंदुआ धाम में सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का पूजन शुरू
शिवरीनारायण के तेंदुआ धाम स्थित राम मिलेंगे आश्रम में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन का शुभारंभ हुआ। आयोजन के दौरान आयोजकों के अनुसार करीब 500 लोगों की सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
बिलासपुर
बिलासपुर मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार पर विवाद, निगम कर्मचारी हटाई गई
यह मामला बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र स्थित मुक्तिधाम का है। जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त को कुदुदंड क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के पालतू कुत्ते की मौत हो गई थी। परिवार का कहना था कि वह उनके लिए परिवार के सदस्य जैसा था, इसलिए उन्होंने भावनात्मक जुड़ाव के चलते हिंदू रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।
बिलासपुर
मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार पर विवाद, लोगों ने जताई आपत्ति
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। एक परिवार ने अपने डॉग को परिवार का सदस्य मानते हुए तोरवा मुक्तिधाम में हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम विदाई दी, जिसका स्थानीय लोगों और संगठनों ने विरोध किया। पार्षद की शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।
धर्म
धमतरी के रुद्रेश्वर घाट पर गूंजी महानदी गंगा आरती, काशी जैसा दिखा नजारा
धमतरी के रुद्री स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर के सामने चित्रोत्पला महानदी तट पर पहली बार बनारस की तर्ज पर भव्य महानदी गंगा आरती का आयोजन किया गया। 108 दीपों, वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लिया। अब सावन माह के प्रत्येक सोमवार को यहां गंगा आरती होगी।
महासमुंद
बागबाहरा से देवघर रवाना हुआ 52 सदस्यीय कांवरिया दल, 27 साल पुरानी परंपरा निभाएंगे शिवभक्त
श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था दिखाते हुए बागबाहरा के बोल बम कांवरिया संघ का 52 सदस्यीय दल बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर करीब 105 किलोमीटर की पैदल कांवर यात्रा पूरी कर बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करेंगे। संघ पिछले 27 वर्षों से इस धार्मिक परंपरा को निभा रहा है।
धर्म
सावन में क्यों निकाली जाती है कांवड़ यात्रा ? जानिए पहला कांवड़िया कौन था और क्या है पौराणिक मान्यता
सावन में कांवड़ यात्रा निकालने की परंपरा समुद्र मंथन की कथा से जुड़ी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान परशुराम को पहला कांवड़िया माना जाता है, हालांकि इसको लेकर अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं।