"राहुल गांधी" के लिए 130 परिणाम मिले
कांग्रेस
खाकी अवतार : राहूल गांधी ने पहनी वर्दी, जमीन पर बैठे और जाना आम आदमी का दर्द
Rahul Gandhi ने लुटियंस दिल्ली स्थित अपने आवास पर दिल्ली-NCR के ऑटो रिक्शा चालकों से मुलाकात कर उनके जीवन, आर्थिक संघर्ष और महंगाई की मार को करीब से समझा। इस दौरान उन्होंने खाकी वर्दी पहनकर प्रतीकात्मक रूप से ड्राइवरों के साथ समय बिताया, जमीन पर बैठकर भोजन किया और उनकी समस्याओं को सुना।
अन्य
सत्ता परिवर्तन तय : सिद्धारमैया आज दे सकते हैं इस्तीफा, डीके शिवकुमार के सिर सजेगा सीएम का ताज!
कर्नाटक में कांग्रेस के अंदर चल रहा सत्ता संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आज इस्तीफा दे सकते हैं और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। कांग्रेस हाईकमान ने कथित ‘रोटेशनल सीएम फॉर्मूला’ के तहत यह फैसला लिया है। इसके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की भी तैयारी है।
रायपुर
बड़ा बयान : भिलाई में बोले किरण सिंहदेव, कांग्रेस अब जनता का भरोसा खो चुकी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Kiran Singh Deo ने भिलाई दौरे के दौरान झीरम घाटी कांड, नक्सलवाद, नीट परीक्षा और पेट्रोल-डीजल की कीमतों जैसे मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी सरकार के दौरान झीरम कांड की सच्चाई सामने नहीं लाई। साथ ही भाजपा सरकार द्वारा बस्तर में विकास और नक्सलवाद खत्म करने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। नीट मामले में उन्होंने कहा कि सरकार गंभीरता से कार्रवाई कर रही है, जबकि कांग्रेस पर भ्रम फैलाने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस
मिशन 2028 : रायपुर में कांग्रेस दिग्गजों की पाठशाला, राहुल सिखाएंगे सियासत के गुर
छत्तीसगढ़ में चुनावी हार के बाद कांग्रेस अब संगठन को मजबूत करने के मिशन में जुट गई है। प्रदेश कांग्रेस जून 2026 के दूसरे पखवाड़े में 41 नए जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए 10 दिवसीय ‘महा-प्रशिक्षण शिविर’ आयोजित करने जा रही है। रायपुर के बाहरी इलाके के किसी रिसॉर्ट या फार्महाउस में होने वाले इस कैंप में पॉलिटिकल स्ट्रैटजी, मीडिया मैनेजमेंट, बूथ सुदृढ़ीकरण और चुनावी रणनीति की ट्रेनिंग दी जाएगी।
चुनाव
थलापति युग का आगाज : विजय ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 60 साल बाद टूटा DMK-AIADMK का तिलस्म
भारी राजनीतिक खींचतान के बाद 10 मई को TVK प्रमुख विजय ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ 9 मंत्रियों ने भी पद की शपथ ली। विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी TVK को 108 सीटें मिली थीं। बहुमत की कमी के कारण पिछले 5 दिनों से सस्पेंस बना हुआ था। अंततः कांग्रेस, CPI, CPI(M) और अन्य दलों के समर्थन से कुल 120 विधायकों के साथ उन्होंने सरकार बनाई। तमिलनाडु की राजनीति में लगभग 60 साल बाद ऐसा हुआ है जब DMK या AIADMK के बाहर के किसी नेता ने सत्ता संभाली है।
कांग्रेस
ओबीसी गणना को लेकर कांग्रेस नेता अमरजीत चावला का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, जनगणना 2026 में अलग गणना की मांग
कांग्रेस नेता अमरजीत चावला ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि जनगणना 2026 में ओबीसी वर्ग की अलग से गणना नहीं की जा रही है, जिससे उनकी वास्तविक जनसंख्या और हिस्सेदारी सामने नहीं आ पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सामाजिक न्याय के मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है और ओबीसी समाज के अधिकारों को कमजोर कर रही है। चावला ने मांग की कि जनगणना में ओबीसी की अलग गणना सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें उनके जनसंख्या अनुपात के अनुसार अधिकार और प्रतिनिधित्व मिल सके।
भाजपा
मर्यादा पर सियासत : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का कांग्रेस पर तीखा हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री के लिए कथित रूप से इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्दों की कड़ी निंदा करते हुए इसे राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि यह आलोचना नहीं, बल्कि कांग्रेस की हताशा और राजनीतिक दिवालियापन का प्रतीक है।
संसद
परिसीमन और आरक्षण : सीटें बढ़ाने का सपना क्यों टूटा, और लोकसभा में कैसे गिरी सरकार की सबसे बड़ी संसदीय बाज़ी, समझिए पूरी कहानी
पूरे घटनाक्रम को अगर व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें, तो यह सिर्फ एक बिल की हार नहीं है। यह उस जटिल संतुलन का उदाहरण है, जिसमें जनसंख्या, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक हित एक साथ टकराते हैं। यही कारण है कि यह मुद्दा आने वाले समय में भी भारतीय राजनीति के केंद्र में बना रहेगा। यह कहा जा सकता है कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने का यह प्रयास संसदीय प्रक्रिया में नहीं रुका, इसने यह भी दिखा दिया कि बड़े संवैधानिक बदलाव बहुमत से ही नहीं, व्यापक सहमति से ही संभव होते हैं।
संसद
सियासी टकराव : नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक का बिल संसद में अटका , पीएम ने जताया दुख, विपक्ष का पलटवार
यह मामला केवल एक विधेयक के पास या फेल होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी, संवैधानिक प्रक्रिया और केंद्र-विपक्ष के रिश्तों को भी उजागर करता है। आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बना रह सकता है।
संसद
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में 54 वोट से गिरा, मोदी सरकार को पहली बड़ी संसदीय हार
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका और 54 वोट से गिर गया। 528 सांसदों में से 298 ने समर्थन और 230 ने विरोध में वोट दिया, जबकि पास होने के लिए 352 वोट जरूरी थे।