"छापेमारी" के लिए 231 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
ओवरटाइम स्कैम : शराब दुकानों में 115 करोड़ का घोटाला, ACB-EOW ने 7 आरोपियों को दबोचा
छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड से जुड़े मैनपावर घोटाले में ACB-EOW ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 2019 से 2024 के बीच शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम पर करीब 115 करोड़ रुपये “ओवरटाइम” के रूप में जारी किए गए, लेकिन यह राशि कर्मचारियों तक नहीं पहुंची और अधिकारियों व बिचौलियों ने फर्जी बिलों के जरिए आपस में बांट ली।
छत्तीसगढ़
बड़ा फर्जीवाड़ा : ब्रांडेड मसालों के नाम पर ठगी, राजस्व विभाग की छापामार कार्रवाई में लाखों का नकली एवरेस्ट जब्त
बिलासपुर के व्यापार विहार में राजस्व विभाग ने “बालाजी मूवर्स एवं पैकर्स” पर छापा मारकर Everest के नाम पर बेचे जा रहे नकली मसाले जब्त किए। कंपनी अधिकारियों ने मौके पर इन्हें नकली बताया, जिसके बाद संस्थान सील कर दिया गया और FIR की प्रक्रिया शुरू हुई। जांच में पता चला कि ये मसाले शहर और ग्रामीण दुकानों में सप्लाई होने वाले थे। इस कार्रवाई से मिलावटखोरी के बड़े नेटवर्क का संकेत मिला है।
छत्तीसगढ़
आंगन में काट रहा था गौमांस, पुलिस ने रंगे हाथों दबोचा; 7 किलो मांस जब्त, आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर के बेलगहना में पुलिस ने घर के आंगन में गौमांस काटते आरोपी को गिरफ्तार कर 7 किलो मांस जब्त किया। मामले में अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई, वहीं हाल ही में स्टेशन पर भी मां-बेटी को गौमांस के साथ पकड़ा गया था।
छत्तीसगढ़
जुए का खेल : जंगल बना मिनी कसीनो, पुलिस के जवान ही सिविल ड्रेस में पत्तों के साथ मिले
दंतेवाड़ा जिले के डेगलरास और मेटनार के जंगलों में अवैध जुए के बड़े अड्डे चलने के आरोप लगाए गए हैं, जहाँ कथित तौर पर रोज़ लाखों रुपये का दांव लगाया जा रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस गतिविधि में कुछ पुलिसकर्मियों और एक पूर्व एएसआई की संलिप्तता भी सामने आई है, जो जुआ संचालित करने और “सेटिंग” कराने में भूमिका निभा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दो पुलिसकर्मियों को जुआ खेलते हुए दिखाए जाने का दावा किया गया है, जिसके बाद विभाग पर सवाल उठे हैं। आरोप यह भी है कि छापेमारी की सूचना पहले ही लीक हो जाने से जुआरी बच निकलते हैं।
छत्तीसगढ़
बड़ी कार्रवाई : छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी ने 13 ठिकानों पर मारे छापे, 5.39 करोड़ की बरामदगी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले की जांच के तहत रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में 13 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में लगभग 53 लाख रुपये नकद और 3.234 किलोग्राम सोना (करीब 5.39 करोड़ रुपये मूल्य) बरामद हुआ, साथ ही कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए। जांच ईओडब्ल्यू और एसीबी की एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत की जा रही है। आरोप है कि 2019 से 2022 के बीच शराब कारोबार में संगठित तरीके से अवैध कमीशन लिया गया, जिससे करीब 2,883 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित हुई।
छत्तीसगढ़
बड़ा खुलासा : 77 लाख की सरकारी गैस डकारने वाला ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स का काला खेल उजागर, 1 गिरफ्तार, संचालक फरार
महासमुंद जिले के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में जब्त किए गए 6 एलपीजी कैप्सूल ट्रकों से लगभग 87 टन गैस चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। ये ट्रक सुरक्षा के लिए ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सुपुर्द किए गए थे, लेकिन आरोप है कि कंपनी के संचालकों ने इन्हें खाली कर अवैध रूप से गैस बेच दी। जांच में सामने आया कि कागजों में 47 टन गैस खरीद दिखाकर 107 टन बिक्री दर्ज की गई, जिससे लगभग 60 टन गैस का गबन उजागर हुआ। मामले में आपराधिक साजिश, कालाबाजारी और रिकॉर्ड छिपाने के आरोप लगे हैं।
छत्तीसगढ़
IPL सट्टा का पर्दाफाश : 2 करोड़ का हिसाब मिला, मुख्य सरगना की तलाश जारी
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) में पुलिस ने IPL के दौरान चल रहे एक ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़ किया है। शिकारीपारा इलाके में छापेमारी कर श्याम यादव नाम के आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया, जो मोबाइल के जरिए सट्टा लगा रहा था। जांच में उसके फोन से करीब 2 करोड़ रुपये से ज्यादा के डिजिटल लेन-देन का खुलासा हुआ। पुलिस ने मोबाइल, एक की-पैड फोन और नकदी जब्त की है। इस मामले में राकेश कुमार उमरे नाम का एक और व्यक्ति मास्टरमाइंड बताया गया है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
सावधान! आपकी थाली में परोसा जा रहा है धीमा जहर, रायपुर में खाने के सामनों में मिलाया जा रहा नीला थोथा
गुपचुप, जूस, फल, सब्जियों और डेयरी उत्पादों में मिलावट और केमिकल उपयोग का दावा किया गया है। कैल्शियम कार्बाइड, कॉपर सल्फेट, डिटर्जेंट, नीला थोथा आदि के इस्तेमाल से स्वास्थ्य जोखिम (लिवर, किडनी, कैंसर) होने की बात कही गई है। प्रशासन द्वारा छापेमारी और मिलावट रोकने के अभियान का उल्लेख है। अंत में लोगों को सावधानी बरतने और साफ-सुथरा खाना चुनने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़
बड़ी कार्रवाई : किराना स्टोर की आड़ में चल रहे अवैध शराब के सिंडिकेट का भंडाफोड़
29 अप्रैल 2026 को सिटी कोतवाली पुलिस ने ग्राम कोतरी में अवैध महुआ शराब के बड़े नेटवर्क पर छापा मारकर उसे ध्वस्त किया। एक किराना स्टोर की आड़ में कच्चा माल सप्लाई किया जा रहा था, जिससे पूरे गांव में अवैध शराब बनाई जा रही थी। पुलिस ने अलग-अलग घरों से कुल 185 लीटर शराब और करीब 940 किलो महुआ लहान बरामद किया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी फरार है। सभी के खिलाफ आबकारी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
छत्तीसगढ़
मेगा ऑपरेशन : शराब और भारतमाला घोटाले में 17 ठिकानों पर दबिश, करोड़ों का सोना और कैश बरामद
फरार आरोपी विकास अग्रवाल के भाई विवेक अग्रवाल (श्रीराम ज्वेलर्स के मालिक) के ठिकानों से 17 किलो सोना, हीरे के हार और भारी नकदी जब्त की गई है। विकास अग्रवाल, अनवर ढेबर के सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य है और 4 साल से फरार है। भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के अमर इंफ्रा सहित अन्य फर्मों के रिकॉर्ड खंगाले गए। वहीं भिलाई में कारोबारी गोविंद मंडल के ठिकानों पर भी जांच हुई।
छत्तीसगढ़
ऑपरेशन अंकुश : खरसिया में IPL सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, मुख्य खाईवाल समेत 3 गिरफ्तार
रायगढ़ (छत्तीसगढ़) में IPL के दौरान चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क पर पुलिस ने “ऑपरेशन अंकुश” के तहत बड़ी कार्रवाई की। खरसिया थाना क्षेत्र में तीन अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर तीन लोगों—अजय अग्रवाल, अंकित अग्रवाल और नरेंद्र राठौर—को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से कुल ₹51,000 नकद, मोबाइल फोन और सट्टेबाजी से जुड़े डिजिटल अकाउंट/आईडी बरामद हुए। जांच में सामने आया कि ये आरोपी मोबाइल, व्हाट्सएप ग्रुप और एक वेबसाइट के जरिए IPL मैचों पर अवैध सट्टा चला रहे थे और एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे।
छत्तीसगढ़
शंखनाद का खौफ : रायगढ़ के कुख्यात मवेशी तस्कर रब्बुल खान ने टेके घुटने, अपराध से तौबा कर किया सरेंडर
रायगढ़ जिला में पुलिस के ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत चल रही सख्त कार्रवाई का बड़ा असर दिखा है। मवेशी तस्करी के आरोपी रब्बुल खान पर लगातार दबाव और छापेमारी के कारण उसने लैलूंगा थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। वह लंबे समय से एक संगठित तस्करी नेटवर्क चला रहा था और उसके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज थे। पुलिस ने उसके एक साथी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद नेटवर्क को कमजोर किया, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना आसान हुआ। शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने पूरे नेटवर्क पर घेराबंदी की, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी ने अपराध छोड़ने का वादा करते हुए सरेंडर किया और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।