"गिरफ्तारी वारंट" के लिए 17 परिणाम मिले
रायपुर
थर्ड आई एक्शन : 7 दिनों में 154 गिरफ्तार, गंज और तेलीबांधा में सबसे बड़ी कार्रवाई
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए एक विशेष अभियान चलाते हुए 7 दिनों में 154 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 61 फरार वारंटी और 93 संदिग्ध व असामाजिक तत्व शामिल हैं। गंज और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक कार्रवाई हुई। DCP उमेश गुप्ता ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी और तेज किया जाएगा तथा पूरे शहर में इसी तरह के औचक ऑपरेशन चलाए जाएंगे।
छत्तीसगढ़
मिडनाइट कॉम्बिंग : 55 से अधिक अपराधियों पर कार्रवाई, ड्रोन निगरानी से सख्त पुलिस अभियान
रायपुर में पुलिस ने मिडनाइट कॉम्बिंग अभियान चलाकर 150 जवानों की टीम के साथ संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन किया। ड्रोन निगरानी, नाकाबंदी और घर-घर तलाशी के दौरान 55 से अधिक अपराधियों पर कार्रवाई हुई, वारंट तामील किए गए और नशे व अवैध हथियार के मामलों में केस दर्ज हुए, जिससे अपराधियों में भय और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा।
छत्तीसगढ़
पुलिस चेकिंग: 8 पर कार्रवाई, फरार वारंटी गिरफ्तार, अवैध चाकू बरामद
रायपुर में पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाकर अड्डेबाजी और नशाखोरी पर कार्रवाई की। 8 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई, 7 को जेल भेजा गया।
मादक पदार्थ और हथियार जब्त : पांच जिलों में अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई
ऑपरेशन निश्चय के तहत पुलिस ने 4 और 5 अप्रैल को रायपुर रेंज के पांच जिलों—बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और रायपुर ग्रामीण—में विशेष अभियान चलाया। इस अभियान में 95 पुलिस टीमों ने 384 जगहों पर रेड, दबिश और चेकिंग की। परिणामस्वरूप, 126 आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट, 21.945 किलोग्राम मादक पदार्थ और 60 टेबलेट के साथ नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, 2 पिस्टल और विभिन्न प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत 174 मामलों में कार्रवाई की गई। महासमुंद जिले में शराब, मादक पदार्थ और हथियारों की बड़ी जब्ती की गई, साथ ही 46 वारंट तामील किए गए। इस अभियान ने समाज में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की कड़ी कार्रवाई को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
महासमुंद
महासमुंद पुलिस का विशेष अभियान: 4 दिनों में 94 वारंटियों को न्यायालय में पेश
महासमुंद पुलिस ने 23 से 26 मार्च 2026 तक चार दिन का विशेष अभियान चलाया। अभियान में कुल 94 वारंटियों को न्यायालय में पेश किया गया, जिनमें 88 गिरफ्तारी वारंट और 6 स्थायी वारंट शामिल थे। वारंट स्थानीय और अन्य जिलों के न्यायालयों से प्राप्त थे। अनुविभागवार निष्पादन के अनुसार, महासमुंद में 27, पिथौरा में 22 और बागबाहरा में 4 वारंट निष्पादित किए गए। अभियान का उद्देश्य अपराध नियंत्रण और रोकथाम सुनिश्चित करना था।