"मूंगफली" के लिए 25 परिणाम मिले
महासमुंद
महासमुंद के किसानों को राहत, फसल बीमा कराने का बढ़ा मौका, जाने अंतिम तिथि
महासमुंद जिले में खरीफ 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि बढ़ाकर 14 अगस्त कर दी गई है। किसान बैंक, सहकारी समिति या CSC के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं।
रायपुर
किसानों के लिए जरूरी खबर : 31 जुलाई से पहले कराएं फसल बीमा, नहीं तो छूट सकता है मौका
मानसून में बारिश की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को फसल नुकसान से बचाव के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की सलाह दी गई है। सूखा, अतिवृष्टि या ओलावृष्टि से फसल खराब होने पर 72 घंटे के भीतर दावा करना जरूरी होगा। किसान 31 जुलाई 2026 तक धान, मक्का, सोयाबीन समेत कई खरीफ फसलों का बीमा करा सकते हैं।
रायपुर
खरीफ सीजन 2026 : किसानों को मिली राहत, खरीफ सीजन में खाद-बीज और ऋण वितरण में बढ़ोतरी
छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन के साथ खरीफ खेती ने रफ्तार पकड़ ली है। 22 जुलाई तक राज्य में 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का 69 प्रतिशत है। किसानों को अब तक 9.22 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं। वहीं किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 6633 करोड़ रुपये से अधिक का कृषि ऋण भी दिया जा चुका है।
राज्य सरकार
कृषि नवाचार को मिली नई उड़ान : प्रगतिशील किसान भानुप्रताप ने जुगाड़ तकनीक से तैयार की सीड ड्रिल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसान भानुप्रताप उर्फ भानु रंगीला ने जुगाड़ तकनीक से पारंपरिक कृषि उपकरण को सीड ड्रिल में बदलकर कम लागत में वैज्ञानिक खेती का उदाहरण पेश किया है। उनके इस नवाचार से मूंगफली की बुवाई में समय, श्रम और बीज की बचत हो रही है।
राज्य सरकार
आत्मनिर्भर : महासमुंद के किसानों को मिले उन्नत बीज, वैज्ञानिकों ने सिखाए खेती के नए तरीके
कृषि विज्ञान केन्द्र महासमुंद ने आत्मनिर्भर दलहन मिशन योजना के तहत किसानों को अरहर, उड़द और मूंगफली के उन्नत बीज वितरित किए। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने फसल विविधीकरण, बीज उपचार, मृदा परीक्षण, जैव उर्वरक और आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी देकर किसानों को आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
सेहत
घरेलु रेसिपी : शाम के स्नैक्स में ट्राई करें गुजरात की मशहूर दाबेली, घर पर मिनटों में बनाएं यह स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड
अगर आप शाम के नाश्ते में कुछ नया और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो गुजराती दाबेली बेहतरीन विकल्प है। उबले आलू, चटनियों, मूंगफली, अनार और सेव से बनने वाली यह आसान रेसिपी घर पर कम समय में तैयार की जा सकती है।
राज्य सरकार
कृषि विभाग : किसानों के लिए जारी हुई खरीफ आकस्मिक कार्ययोजना
अल-नीनो और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ 2026 के लिए किसानों हेतु आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की है। योजना में डीएसआर तकनीक, जल संरक्षण, कम अवधि वाली फसलें और वैकल्पिक दलहनी-तिलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
राष्ट्रीय
अल-नीनो सक्रिय : मानसून पर बड़ा खतरा, भारत में सूखे जैसे हालात की आशंका
अल-नीनो के सक्रिय होने से भारत में मानसून के कमजोर और असमान रहने की आशंका बढ़ गई है। इससे खासकर मध्य, उत्तर-पश्चिम और पश्चिमी भारत में बारिश की कमी या अनियमित वर्षा हो सकती है। इसका सीधा असर खरीफ फसलों जैसे धान, मक्का, सोयाबीन और कपास पर पड़ सकता है।
राज्य सरकार
कृषि में बड़ा बदलाव : 40 लाख किसानों के लिए नई रणनीति, डिजिटल खेती और प्राकृतिक कृषि पर जोर
छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और प्राकृतिक खेती के नए युग में प्रवेश कर रहा है। ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत राज्य सरकार का लक्ष्य 40 लाख किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को आधुनिक बनाना है। नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बताया गया कि राज्य में दलहन उत्पादन में 76% की वृद्धि और तिलहन क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
सफलता : धान से आगे बढ़कर मिर्च, मक्का और मछली पालन से किसान बना रहा मॉडल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम फुतकेल के किसान गोपाल एर्रागोला ने आधुनिक और बहुफसली खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वर्षा आधारित धान खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मक्का, मूंगफली, मिर्च, सब्जी उत्पादन, पशुपालन और मछली पालन को अपनाया। कृषि विभाग, आत्मा योजना, ड्रिप सिंचाई, सौर सुजला योजना और प्राकृतिक खेती तकनीकों की मदद से उनकी वार्षिक शुद्ध आय लगभग 3.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं को भी वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।
सेहत
अनियमित खानपान : बढ़ रहीं बीमारियां, हेल्दी डाइट अपनाने की सलाह
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों का डेली फूड रूटीन तेजी से बिगड़ रहा है। देर रात खाना, सुबह नाश्ता छोड़ना, जंक फूड का अधिक सेवन और पर्याप्त पानी नहीं पीने जैसी आदतें लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अनियमित खानपान की वजह से मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और पेट संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह पौष्टिक नाश्ता, संतुलित दोपहर का भोजन और रात में हल्का खाना शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने लोगों को जंक फूड कम खाने, पर्याप्त पानी पीने, नियमित व्यायाम करने और घर का बना भोजन प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
बीज समिति की बैठक में दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना को मिली मंजूरी
जिला स्तरीय बीज समिति की बैठक में दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन, वितरण और भंडारण को बढ़ाने पर समीक्षा की गई। बैठक में आत्मनिर्भर दलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत अरहर, उड़द, मूंग और चना के बीज वितरण एवं उत्पादन लक्ष्यों को मंजूरी दी गई। किसानों को प्रमाणित बीज पर 50% या अधिकतम ₹6000 तक अनुदान देने का निर्णय लिया गया।