"धार्मिक आस्था" के लिए 64 परिणाम मिले
रायपुर संभाग
बारिश भी नहीं रोक पाई आस्था, 71 किमी की कांवड़ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
चंदखुरी से आरंग तक 71 किलोमीटर लंबी तीन दिवसीय सामाजिक सद्भाव कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुआ। गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में निकली यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, समरसता और भाईचारे का संदेश दिया।
छत्तीसगढ़
सिरपुर को सिर्फ पर्यटन व व्यापार केंद्र बनाने की कोशिश, धार्मिक पहचान की हो रही उपेक्षा : अमर चंद्राकर
सिरपुर में सावन के तीसरे सोमवार करीब 10 हजार कांवड़िए पहुंचे, लेकिन ठहरने, शौचालय, चिकित्सा, सफाई और सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल उठे। पूर्व जिला पंचायत सभापति अमर चंद्राकर ने प्रशासन पर धार्मिक पहचान की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चौथे सोमवार से पहले व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की।
रायपुर
श्रद्धालुओं ने किया भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा शहर
सावन मास के अवसर पर साहू समाज द्वारा रायपुर में कलश एवं कांवड़ यात्रा निकाली गई। रामनगर शीतलापारा से शुरू हुई यात्रा महादेव घाट पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कोरबा
भगवान शिव-राम पर अभद्र टिप्पणी का मामला, सोशल मीडिया पोस्ट पर बवाल के बाद युवक के खिलाफ FIR
भगवान शिव और राम पर अभद्र टिप्पणी को लेकर युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भाजपा नेताओं और स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
धर्म
शिवरीनारायण के तेंदुआ धाम में सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का पूजन शुरू
शिवरीनारायण के तेंदुआ धाम स्थित राम मिलेंगे आश्रम में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन का शुभारंभ हुआ। आयोजन के दौरान आयोजकों के अनुसार करीब 500 लोगों की सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
धर्म
सावन सोमवार पर सूर्य-बुध की युति से बनेगा शुभ योग, जानें किन राशियों को होगा फायदा
सावन के दूसरे सोमवार 10 अगस्त 2026 को सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस शुभ संयोग का प्रभाव वृषभ, कर्क, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए लाभकारी हो सकता है। इन राशियों को करियर, धन और सफलता के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल सकते हैं।
दुर्ग संभाग
अमरकंटक से भोरमदेव तक 151 किमी की कांवड़ यात्रा, भावना बोहरा के साथ 300 से ज्यादा श्रद्धालु होंगे शामिल
सावन के दूसरे सोमवार 10 अगस्त से अमरकंटक के मां नर्मदा मंदिर से भोरमदेव तक 151 किलोमीटर लंबी कांवड़ पदयात्रा शुरू होगी। पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में निकलने वाली इस यात्रा में 300 से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा 16 अगस्त को भोरमदेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ पूरी होगी। इस बार वनांचल क्षेत्र के 15 बैगा आदिवासी भी कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल होंगे।
राज्य सरकार
रामलला दर्शन योजना के तहत 850 श्रद्धालु अयोध्या रवाना, अम्बिकापुर से निकली भारत गौरव ट्रेन
रामलला दर्शन योजना के तहत सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं ने इस पहल के लिए राज्य सरकार का आभार जताते हुए इसे वर्षों पुराने सपने के पूरा होने जैसा बताया।
यात्रा
बदला कोंडागांव का नजारा : मॉनसून में जन्नत सी सज गई है बस्तर की ये खूबसूरत जगह
मॉनसून के आगमन के साथ छत्तीसगढ़ का कोंडागांव प्राकृतिक खूबसूरती से भर उठा है। केशकाल घाटी, टाटामारी, मांझीनगढ़ और खूबसूरत झरने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। बारिश के मौसम में यहां घूमने से पहले जरूरी सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
राज्य सरकार
संस्कृति का संरक्षण : बस्तर की तुपकी को मिली नई उड़ान, महतारी वंदन योजना से महिला बनी आत्मनिर्भर
महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग बस्तर की चंदा ने पारंपरिक तुपकी निर्माण में किया है। जगदलपुर के मांझीगुड़ा गांव की चंदा अब परिवार के साथ मिलकर गोंचा पर्व के लिए तुपकी तैयार कर रही हैं, जिससे आय बढ़ने के साथ बस्तर की लोक संस्कृति को भी बढ़ावा मिल रहा है।
बस्तर संभाग
गोंचा महापर्व : बस्तर की अनोखी परंपरा, बांस की तुपकी से भगवान जगन्नाथ को दी जाएगी सलामी
बस्तर के प्रसिद्ध गोंचा महापर्व में 600 साल पुरानी तुपकी परंपरा निभाई जाती है। बांस से बनी तुपकी से भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र को 21 तोपों की तर्ज पर सलामी दी जाती है। यह परंपरा बस्तर की संस्कृति के साथ ग्रामीणों के रोजगार का भी आधार बनी हुई है।
धर्म
पहली बार कांवड़ यात्रा में शामिल हो रहे हैं तो जान लें जरूरी नियम और सावधानियां
कांवड़ यात्रा 2026 में पहली बार शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए सही तैयारी और नियमों की जानकारी बेहद जरूरी है। यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक के साथ समाप्त होगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को सात्विक भोजन, स्वच्छता, संयम और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।