Bilaspur Development: बिलाईगढ़ को मिली 5 बड़ी सौगातें, अपर कलेक्टर कार्यालय और 3 करोड़ से बनेगा गौरव पथ
Bilaspur Development: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलाईगढ़ में पांच विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें अपर कलेक्टर कार्यालय, 3 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ, राजमहल मार्ग पर पुल, मुक्तिधाम और मां समलाई माता मंदिर के पास डोम शेड का निर्माण शामिल है।
Bilaspur Development: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सारंगढ़ - बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत बिलाईगढ़ के रैनीभाठा में आयोजित ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए बिलाईगढ़ के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर कार्यालय खोलने,
बस स्टैंड से हायर सेकेंडरी स्कूल तक 3 करोड़ रुपए की लागत से गौरव पथ निर्माण, राजमहल जाने वाले मार्ग पर पुल निर्माण, नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम तथा मां समलाई माता मंदिर के समीप डोम शेड निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विकास कार्यों से बिलाईगढ़ में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ नगरीय अधोसंरचना और जनसुविधाएं सुदृढ़ होंगी।
बिलाईगढ़ में खुलेगा अपर कलेक्टर कार्यालय
अपर कलेक्टर कार्यालय खुलने से क्षेत्रवासियों को अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के त्वरित निराकरण में सुविधा होगी। तीन करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला गौरव पथ नगर की सुंदरता बढ़ाने के साथ आवागमन को बेहतर बनाएगा। इसी तरह राजमहल मार्ग पर पुल, मुक्तिधाम और डोम शेड का निर्माण स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण होगा।
मुख्यमंत्री साय ने भगवान श्रीराम, माता सीता, पवनपुत्र हनुमान, मां जगदंबा, भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बिलाईगढ़ का ऐतिहासिक राजशाही दशहरा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता की जीवंत अभिव्यक्ति है।
बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
राजपरिवार ने पीढ़ियों से इस गौरवशाली परंपरा को सहेजकर रखा है और आज भी क्षेत्रवासी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ इसमें सहभागी होते हैं। उन्होंने इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए राजपरिवार, आयोजन समिति और बिलाईगढ़वासियों को बधाई दी तथा आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की विजय का शाश्वत संदेश देती है। भगवान श्रीराम ने इसी दिन अहंकारी और अत्याचारी रावण का अंत कर धर्म की स्थापना की थी। हम हर वर्ष रावण के पुतले का दहन करते हैं, लेकिन विजयादशमी की वास्तविक सार्थकता तब है, जब हम अपने भीतर के काम, क्रोध, मद, लोभ और अहंकार रूपी रावण का भी अंत करें। प्रभु श्रीराम के आदर्श हमें मर्यादा, कर्तव्य, न्याय और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना ही इस महापर्व का सच्चा संदेश है।50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम और छत्तीसगढ़ का संबंध अत्यंत आत्मीय और प्राचीन है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम ने लंबा समय छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र में व्यतीत किया, शिवरीनारायण में माता शबरी की भक्ति और राजिम का पवित्र त्रिवेणी संगम हमारी इसी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक हैं। छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम को भांजे के रूप में पूजने की अनूठी परंपरा आज भी हमारी संस्कृति में जीवंत है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम में लगभग पांच शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद प्रभु श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ के लिए भी अपार हर्ष और गौरव का अवसर रही। प्रदेशवासियों की इसी आस्था को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की है। इसके माध्यम से अब तक लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को शासकीय खर्च पर अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
18 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा घर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज विकास और सुशासन की नई यात्रा पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, हमारी सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक परिवार तक पहुंचे। मोदी की गारंटी के तहत प्रदेशवासियों से किए गए वादों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार गठन के अगले ही दिन आयोजित मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार से लगातार मिल रहे सहयोग से प्रदेश में प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण तेज गति से हो रहा है और प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं।
बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ मिली ऐतिहासिक सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और किसानों की खुशहाली हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, गांव, गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति को केंद्र में रखकर सरकार योजनाओं और विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। हमारा लक्ष्य केवल अधोसंरचना का निर्माण नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य और अपार वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध बस्तर लंबे समय तक नक्सल हिंसा के कारण अपनी पूरी विकास क्षमता का उपयोग नहीं कर सका। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन, हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और बस्तर की जनता के सहयोग से परिस्थितियां तेजी से बदली हैं। छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी रेल कनेक्टिविटी
आज बस्तर में भय की जगह विश्वास, हिंसा की जगह शांति और निराशा की जगह विकास की नई उम्मीद ने ली है। शांति और सुरक्षा स्थापित होने के साथ ही बस्तर में सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में आधुनिक रेल अधोसंरचना के विकास को अभूतपूर्व गति मिली है।
विजयादशमी के अवसर पर प्रदेश को नई रेल परियोजनाओं और यात्री सेवाओं की सौगात मिली है। रावघाट तक रेल सेवा पहुंचने तथा रायपुर–कुरूद क्षेत्र में रेल संपर्क के विस्तार से दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
इससे लोगों का आवागमन सुगम होने के साथ व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। एक ओर हम अपनी
गौरवशाली संस्कृति, परंपराओं और आस्था के केंद्रों को सहेज रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क, रेल, आवास और प्रशासनिक अधोसंरचना का विस्तार कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव रख रहे हैं।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने और प्रेम, एकता एवं सद्भाव के साथ प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।