"बेहतर उत्पादन" के लिए 31 परिणाम मिले
राज्य सरकार
बड़ी सफलता : एम.टेक किसान ने अपनाई आधुनिक खेती, ग्राफ्टेड बैंगन से 6.5 लाख प्रति एकड़ तक कमाई
महासमुंद जिले के लोहारडीह गांव के एम.टेक. शिक्षित किसान क्रान्ति कुमार चंद्राकर ने पारंपरिक धान खेती छोड़कर आधुनिक तकनीक आधारित उद्यानिकी खेती अपनाई। उद्यानिकी विभाग की योजना के तहत ग्राफ्टेड बैंगन की खेती में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग कर उन्होंने लगभग 400 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त किया। उनकी सफलता से आसपास के किसान भी आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
कोरबा
खेती में आया बड़ा बदलाव : किसान मान सिंह कंवर ने बताई सफलता की कहानी
कोरबा जिले के ग्राम नवापारा के अनुभवी किसान मान सिंह कंवर ने बताया कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं के कारण किसानों को अब समय पर खाद, बीज और उर्वरक उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे खेती की तैयारी आसान हुई है। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों को खेती के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि इनके उपयोग से कम लागत में बेहतर उत्पादन मिलता है और मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहती है।
राज्य सरकार
क्रांति : कम लागत में बढ़ रही पैदावार, किसानों को मिल रहा सीधा लाभ
नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे आधुनिक तरल उर्वरक खेती में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं, जिससे कम लागत में बेहतर उत्पादन संभव हो रहा है। खरीफ 2026 के लिए प्रशासन ने खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। कोरबा के किसान छेदीलाल उरांव ने इनके उपयोग से बेहतर परिणाम मिलने की बात कही और हरित खाद अपनाकर मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने का प्रयास किया।
कारोबार
खेती में क्रांति : कम लागत, अधिक उत्पादन और मिट्टी की सेहत सुधार की नई राह नैनो यूरिया
खेती की बढ़ती लागत और मिट्टी की घटती उर्वरता के बीच नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए एक आधुनिक और प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इनके वैज्ञानिक उपयोग से पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में लागत में कमी, पोषक तत्वों की बेहतर उपलब्धता और फसल उत्पादन में सुधार संभव है। नैनो उर्वरकों से पौधों को तेजी से पोषण मिलता है, जिससे फसल की बढ़वार और गुणवत्ता बेहतर होती है।
राज्य सरकार
बदली किस्मत : उद्यानिकी खेती अपनाकर किसान ने रचा सफलता का नया इतिहास
किसान रतिराम पटेल ने पारंपरिक धान खेती छोड़कर उद्यानिकी फसलों की ओर रुख किया और राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत धनिया की खेती अपनाई। ड्रिप सिंचाई व मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्होंने उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार किया। लगभग 0.87 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती कर उन्हें बेहतर पैदावार और करीब 50 हजार रुपये तक का लाभ मिला।
महासमुंद
किसान की सफलता : आधुनिक तकनीक अपनाकर महिला किसान ने रचा सफलता का नया मॉडल
महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के बरनाईदादर गांव की कृषक श्रीमती मीना पटेल ने आधुनिक उद्यानिकी खेती अपनाकर बड़ी सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ग्राफ्टेड टमाटर की खेती, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक के उपयोग से उन्होंने एक एकड़ में लगभग 400 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया।
कम लागत, ज्यादा मुनाफा : मधुमक्खी पालन से किसानों की बढ़ रही आमदनी
छत्तीसगढ़ में मधुमक्खी पालन किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाला विकल्प बन रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत जशपुर में किसानों को बी बॉक्स, छत्ता और शहद निकालने की मशीन पर अनुदान दिया जा रहा है। इससे न केवल शहद उत्पादन से आय बढ़ रही है, बल्कि फसलों की पैदावार भी बेहतर हो रही है। यह व्यवसाय ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार का अच्छा माध्यम बनते हुए पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहा है।