"बेहतर उत्पादन" के लिए 31 परिणाम मिले
राज्य सरकार
अदरक की खेती ने बदली किसान की तकदीर, पौन एकड़ में कमाए 4.5 लाख रुपए
सरगुजा जिले के दरिमा गांव के किसान संतोष कुमार सिंह ने फसल विविधीकरण अपनाकर पौन एकड़ जमीन में अदरक की खेती से करीब साढ़े चार लाख रुपए का शुद्ध लाभ कमाया। बेहतर बाजार भाव और वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग से उनकी आय बढ़ी, जिसके बाद उन्होंने इस वर्ष अदरक की खेती का रकबा बढ़ाकर एक एकड़ कर लिया है।
राज्य सरकार
छत्तीसगढ़ के किसान ने अपनाई नई तकनीक, नैनो डीएपी से घटाई लागत बढ़ाया उत्पादन
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के किसान राममिलन सिंह ने इफको नैनो डीएपी का उपयोग कर आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की मिसाल पेश की है। नैनो तकनीक से उर्वरकों की लागत कम हुई और फसल की गुणवत्ता व वृद्धि में सुधार देखने को मिला। कृषि विभाग और सहकारी समिति के मार्गदर्शन में यह पहल अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
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महासमुंद में मिलेट्स पर कार्यशाला, डॉ. खादर वली ने किसानों को बताए फायदे
महासमुंद में अन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पद्मश्री डॉ. खादर वली ने किसानों को मिलेट्स के पोषण लाभ, प्राकृतिक खेती और कम लागत में बेहतर उत्पादन के तरीके बताए। उन्होंने किसानों से कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों को अपनाने की अपील की।
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सरगुजा के किसान ने अपनाई आधुनिक तकनीक, ड्रिप सिंचाई से मिली खेती को नई दिशा
सरगुजा जिले के किसान आनंद राम पैकरा ने सूक्ष्म सिंचाई योजना का लाभ लेकर ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाई है। इससे पानी, समय और श्रम की बचत के साथ टमाटर व गोभी जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ा है। आधुनिक तकनीक से किसान खेती को अधिक लाभकारी और आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
धमतरी
हड़कंप : सिंचाई विभाग की लापरवाही से टूटी नहर, दमकाडीह के किसानों पर टूटा संकट
धमतरी जिले के दमकाडीह गांव में माइनर नहर टूटने से करीब 80 से 100 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई, जिससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और नहर की स्थायी मरम्मत की मांग की है, जबकि विभाग ने बारिश थमने के बाद मरम्मत कराने की बात कही है।
महासमुंद
आधुनिक खेती से सफलता : ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से सीताराम पटेल ने बढ़ाई आमदनी, बने प्रेरणा
महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड के किसान सीताराम पटेल ने आधुनिक तकनीक अपनाकर ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से अपनी आय में बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत शुरू की गई इस खेती में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक के उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ करीब 300 क्विंटल उत्पादन मिला और लगभग 3 लाख रुपये का लाभ हुआ।
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आत्मनिर्भर : महासमुंद के किसानों को मिले उन्नत बीज, वैज्ञानिकों ने सिखाए खेती के नए तरीके
कृषि विज्ञान केन्द्र महासमुंद ने आत्मनिर्भर दलहन मिशन योजना के तहत किसानों को अरहर, उड़द और मूंगफली के उन्नत बीज वितरित किए। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने फसल विविधीकरण, बीज उपचार, मृदा परीक्षण, जैव उर्वरक और आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी देकर किसानों को आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
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सफलता की कहानी : समय पर खाद, बीज और कृषि ऋण से बदली किसान की तस्वीर, बढ़ा आत्मविश्वास
सुकमा जिले के किसान हड़मा राम मरकाम को जिला प्रशासन की पहल से समय पर खाद, उन्नत बीज और 3.50 लाख रुपये का कृषि ऋण मिला। इससे उन्होंने बिना किसी परेशानी के खरीफ फसल की तैयारी पूरी की। प्रशासन की निगरानी से किसानों को उचित मूल्य पर कृषि सामग्री मिल रही है, जिससे खेती आसान हुई है और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है।
राज्य सरकार
फसल विविधीकरण : किसानों के लिए सुनहरा मौका, धान के बजाय दूसरी फसल उगाने पर सरकार देगी ₹15 हजार प्रति एकड़ सहायता
महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत चारभांठा में आयोजित कृषक चौपाल में किसानों को फसल विविधीकरण के लिए जागरूक किया गया। कृषि विभाग ने बताया कि धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, रागी, मक्का, कोदो, कुटकी और कपास की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तक आदान सहायता मिलेगी।
राज्य सरकार
आधुनिक कृषि : कम खर्च में बेहतर पैदावार की ओर किसान, नैनो डीएपी से मिला लाभ
पिथौरा विकासखंड के ग्राम सलडीह के प्रगतिशील किसान धनेश्वर साव ने धान की फसल में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस का वैज्ञानिक उपयोग कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। बीज उपचार, पौधों की जड़ों के उपचार और अलग-अलग अवस्थाओं में छिड़काव से फसल अधिक हरी-भरी, स्वस्थ और मजबूत हुई। रोग-कीट का प्रकोप कम होने से कीटनाशकों, मजदूरी और खेती की लागत में भी बचत हुई।
कबीरधाम
आधुनिक खेती : मक्का और टमाटर की अनोखी खेती से चमकी किसान की किस्मत
कबीरधाम जिले के खैरझिटी गांव के किसान ललित साहू ने आधुनिक तकनीकों और मिश्रित खेती के जरिए खेती को लाभकारी बना दिया है। मक्का-टमाटर और गन्ना-प्याज जैसी फसलों के सफल प्रयोग से उन्होंने उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। उनकी नवाचार आधारित खेती आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
राज्य सरकार
मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी : खेत बचाओ अभियान में किसानों को दिया गया जागरूकता संदेश
बागबाहरा के कृषि उपज मंडी प्रांगण में देशव्यापी "खेत बचाओ अभियान" के तहत जिला स्तरीय जैविक एवं प्राकृतिक कृषि कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल, सांसद रूपकुमारी चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने किसानों से जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की अपील की।