"गाइडलाइन" के लिए 40 परिणाम मिले
खेल
रायपुर में IPL का रोमांच : 10 और 13 मई को भिड़ेंगी दिग्गज टीमें, कल से शुरू होगी टिकटों की बुकिंग
रायपुर के Shaheed Veer Narayan Singh International Cricket Stadium में आईपीएल के दो बड़े मुकाबले 10 और 13 मई को होने वाले हैं। 10 मई: Royal Challengers Bengaluru vs Mumbai Indians 13 मई: Royal Challengers Bengaluru vs Kolkata Knight Riders दोनों मैच शाम 7:30 बजे शुरू होंगे और टिकट 3 मई से ऑनलाइन (RCB वेबसाइट) उपलब्ध होंगे, जिनकी कीमत लगभग ₹2,000 से ₹8,000 तक होगी। स्टेडियम में दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कुछ बदलाव भी किए गए हैं, ताकि फैंस मैच को और करीब से देख सकें।
छत्तीसगढ़
शादी का झांसा और ब्लैकमेलिंग : आरोपी टोनी ध्रूव ने रचा दुष्कर्म का खेल, होटल मैनेजर की लापरवाही ने दिया साथ, दोनों पहुँचे जेल
रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में एक युवती को शादी का झांसा देकर जी.ई. रोड स्थित होटल देविका ले जाया गया, जहाँ आरोपी टोनी ध्रूव ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी ने इस कृत्य का वीडियो बनाया और बाद में उसे पीड़िता के परिजनों को भेजकर शादी से इनकार कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने BNS की धारा 69 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी टोनी ध्रूव और होटल मैनेजर नितेश कुमार खुंटे को गिरफ्तार कर लिया।
छत्तीसगढ़
समर कैंप में बच्चों ने दूरबीन से जाना ब्रह्मांड का रहस्य, स्काई वॉचिंग बना आकर्षण का केंद्र
पिथौरा स्थित संस्कार शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित 40 दिवसीय समर कैंप में बच्चों को विज्ञान और ब्रह्मांड की रोचक दुनिया से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियाँ कराई गईं। छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में एस्ट्रोनॉमी वर्कशॉप, विज्ञान मेला, चित्रकला प्रतियोगिता और स्काई वॉचिंग मुख्य आकर्षण रहे। दूरबीन की मदद से बच्चों ने सूर्य, चंद्रमा, तारे और ग्रहों का अवलोकन किया, जिससे उनमें वैज्ञानिक जिज्ञासा और उत्साह बढ़ा।
छत्तीसगढ़
सूचना आयोग नियुक्ति विवाद हाईकोर्ट में, सरकार से जवाब तलब
छत्तीसगढ़ सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्तियों को लेकर विवाद पर मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों (नमित शर्मा और अंजलि भारद्वाज मामलों) के अनुसार पारदर्शी तरीके से नहीं हुईं। मुख्य आपत्ति यह है कि 2024 में जिन्हें अयोग्य माना गया था, उन्हें कुछ महीनों बाद योग्य घोषित कर नियुक्त कर दिया गया। साथ ही सर्च कमेटी की संरचना, इंटरव्यू प्रक्रिया और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हाई कोर्ट ने याचिका को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है कि नियुक्तियां किन नियमों और मापदंडों के तहत की गईं।