"अस्पताल प्रबंधन" के लिए 55 परिणाम मिले
कोरबा
लापरवाही : ऑपरेशन के बाद खुला बड़ा राज! महिला के पैर में अधूरा छोड़ दिया इंप्लांट
Korba के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सड़क हादसे में घायल महिला भूरी मरकाम के पैर का ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने रॉड तो डाल दी, लेकिन जरूरी स्क्रू लगाना भूल गए। ऑपरेशन के दो दिन बाद हुए एक्सरे में यह चूक सामने आई। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि स्क्रू एक्सरे में स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है, इसलिए दोबारा जांच कराई जाएगी। यदि स्क्रू नहीं लगा होना साबित होता है, तो महिला का फिर से ऑपरेशन किया जाएगा। घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
देश
वीडियो वायरल : जिला अस्पताल में बच्ची से सफाई, जिम्मेदार कर्मचारी पर सवाल
मुरैना जिला अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें एक नाबालिग बालिका को परिसर में झाड़ू-पोंछा लगाते हुए देखा जा सकता है, जबकि एक महिला सफाई कर्मचारी मोबाइल फोन चलाती नजर आ रही है। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह आरोप लग रहे हैं कि अस्पताल में सफाई के नाम पर नाबालिग से काम कराया जा रहा था, जो बाल श्रम कानूनों का उल्लंघन है। इस दृश्य ने लोगों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है, और सोशल मीडिया पर जिम्मेदार कर्मचारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
कोरबा
घंटों इंतजार : ड्रेसिंग रूम में स्टाफ नहीं, दोस्त ने किया मरीज का इलाज
जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रामपुर निवासी एक मरीज हुकुम कुमार, जिनका हाल ही में पथरी का ऑपरेशन हुआ था, ड्रेसिंग कराने के लिए अपने मित्र चंदन कुमार के साथ अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर से सलाह मिलने के बाद जब वे ड्रेसिंग रूम पहुंचे तो मरीज के अनुसार वहां काफी देर तक कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। दर्द बढ़ने और मदद न मिलने की स्थिति में उनके मित्र ने ड्रेसिंग रूम में उपलब्ध सामग्री से खुद ही घाव की ड्रेसिंग कर दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सह अधीक्षक ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
शिक्षा
बंपर भर्ती : छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में 5 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 175 पदों पर आवेदन शुरू
छत्तीसगढ़ सरकार 5 नए मेडिकल कॉलेज (दंतेवाड़ा, कवर्धा, मनेंद्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी) शुरू करने के लिए 175 संविदा पदों पर भर्ती कर रही है। इसमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर और जूनियर रेजिडेंट सहित मेडिकल और नॉन-मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। वेतन ₹1 लाख से ₹2.25 लाख प्रति माह तक होगा, और डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस की अनुमति भी दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 6 मई से 13 मई तक चलेगी और इंटरव्यू 15–16 मई को रायपुर में होंगे। यह भर्ती राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए की जा रही है।
सेहत
औचक निरीक्षण : जिला अस्पताल कीअव्यवस्थाओं पर कांग्रेस ने उठाएं गंभीर सवाल
शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला और पदाधिकारियों ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर कई गंभीर अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। निरीक्षण में पेयजल व्यवस्था, वेस्टर्न टॉयलेट, दवाओं की कमी, सोनोग्राफी सेवा बंद होना और सीटी स्कैन मशीन न होने जैसी समस्याएं सामने आईं। इसके अलावा एम्बुलेंस के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया और अस्पताल प्रबंधन पर संसाधनों के गलत उपयोग का सवाल उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने तत्काल सुधार की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द सुधार न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
छत्तीसगढ़
महासमुंद में स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई दिशा, दीना ग्लोबल हॉस्पिटल का शुभारंभ
महासमुंद के गुड़रूपारा में 50 बेडेड दीना ग्लोबल हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन हुआ। यह सुपरस्पेशियलिटी और ट्रॉमा सेंटर है, जहां हड्डी रोग, स्त्री रोग, सर्जरी, कार्डियोलॉजी सहित कई चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अस्पताल का उद्देश्य स्थानीय लोगों को किफायती और आधुनिक इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बड़े शहरों में न जाना पड़े। उद्घाटन के साथ ही 26 अप्रैल को निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया जाएगा।
रायपुर
हादसा: ILS हॉस्पिटल की चौथी मंजिल की छत गिरी, 4 से अधिक मरीज घायल
रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित ILS हॉस्पिटल में शुक्रवार रात चौथी मंजिल की छत अचानक गिर गई, जिसमें 4 से अधिक मरीज घायल हुए। अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई, घायलों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर इलाज दिया गया। पुलिस और तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण निर्माण दोष या पुराने ढांचे की कमजोरी माना जा रहा है। अस्पताल प्रशासन और विभागीय अधिकारी मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहे हैं।