छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब जुड़वा बच्चों में से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामला शारदा विहार स्थित आयुष्मान चिकित्सालय का है। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि नवजात की हालत बिगड़ने के बाद भी समय पर उसे बेहतर उपचार के लिए रेफर नहीं किया गया, जिसके कारण उसकी जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थी महिला
जानकारी के अनुसार, परशुराम नगर दादर निवासी शशिकांत ओझा ने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए शारदा विहार स्थित आयुष्मान चिकित्सालय में भर्ती कराया था। 17 जुलाई को महिला ने अस्पताल में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। लंबे इंतजार के बाद घर में दो नन्हे मेहमानों के आने से पूरा परिवार बेहद खुश था। परिवार के लोगों ने बच्चों के जन्म की खुशी मनाई, लेकिन यह खुशी ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी।जन्म के बाद बच्चे की बिगड़ी हालत
परिजनों के मुताबिक, जन्म के समय दोनों बच्चों का वजन सामान्य था और शुरुआत में उनकी स्थिति ठीक लग रही थी। लेकिन जन्म के कुछ घंटे बाद ही एक बच्चे के शरीर पर पीलिया के लक्षण दिखाई देने लगे। परिवार वालों ने तुरंत इसकी जानकारी अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ को दी। उनका कहना है कि उन्होंने बच्चे की बिगड़ती हालत को देखते हुए चिकित्सकों से बेहतर इलाज की मांग की थी।
समय पर रेफर नहीं करने का आरोप
मृतक बच्चे के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार डॉक्टरों को बच्चे की स्थिति के बारे में बताया, लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें यह कहकर आश्वस्त किया गया कि अस्पताल में डॉक्टर मौजूद हैं और चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन समय बीतने के साथ बच्चे की हालत लगातार खराब होती चली गई। परिवार का आरोप है कि अगर बच्चे को शुरुआती समय में ही बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। परिजनों के मुताबिक, जब बच्चे की हालत काफी ज्यादा बिगड़ गई, तब उनके दबाव के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उसे बिलासपुर रेफर किया। बिलासपुर ले जाने के दौरान और उपचार के बीच एक बच्चे की मौत हो गई। वहीं दूसरे जुड़वा बच्चे की हालत भी गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है।अस्पताल में परिजनों का हंगामा
बच्चे की मौत की खबर मिलने के बाद परिजन वापस आयुष्मान चिकित्सालय पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी और परिवार के साथ नहीं होनी चाहिए। हंगामे की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं। वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।