"जल संरक्षण" के लिए 106 परिणाम मिले
राज्य सरकार
Fish Farming: धमतरी के कुकरेल में जल संरक्षण से रोजगार तक का सफर, 200 फार्म पॉन्ड बने ग्रामीण विकास का आधार
Fish Farming: धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के कुकरेल क्षेत्र में वीबी-जी रामजी योजना के तहत बने 200 से अधिक फार्म पॉन्ड ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। इन जल संरचनाओं से किसानों को सिंचाई सुविधा के साथ मत्स्य पालन और झींगा पालन से अतिरिक्त आय का अवसर मिल रहा है।
केंद्र सरकार
PM Narendra Modi: जल संरक्षण के लिए केंद्र-राज्य मिलकर बनाएंगे रणनीति
PM Narendra Modi: जल शक्ति मंत्रालय के शिखर सम्मेलन में जल अवसंरचना, बारिश के पानी के संग्रहण, पेयजल स्रोतों की स्थिरता और जल जीवन मिशन 2.0 पर चर्चा हुई। सरकार ने केंद्र-राज्य सहयोग और जल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
राज्य सरकार
Raigarh News: वर्षा जल संरक्षण के लिए रायगढ़ में बनेंगे हजारों कंटूर ट्रेंच
Raigarh News: रायगढ़ जिले में वर्षा जल संरक्षण, मिट्टी कटाव रोकने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए 16,873 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच एवं कंटूर ट्रेंच निर्माण को मंजूरी दी गई है। रायगढ़, खरसिया और तमनार विकासखंड में 28 कार्यों पर 52.55 लाख रुपये खर्च होंगे। इन संरचनाओं से वर्षा जल का बहाव नियंत्रित होने, भूमि में नमी बढ़ने और ग्रामीणों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार
धमतरी के भोथापारा में जल संरक्षण और मत्स्य पालन से ग्रामीण परिवार बने आत्मनिर्भर
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के भोथापारा गांव में आजीविका डबरी योजना ने आदिवासी परिवारों को आर्थिक मजबूती दी है। वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधा और मत्स्य पालन के जरिए परिवारों की आय बढ़ी और पलायन पर रोक लगी।
राज्य सरकार
जल संरक्षण से आत्मनिर्भर बना कालामांजल, 250 से अधिक लोगों को मिला रोजगार
सूरजपुर जिले के कालामांजल गांव में जल संरक्षण कार्यों से बड़ा बदलाव आया है। कंटूर ट्रेंच और गेबियन चेक डैम के निर्माण से बारिश का पानी सहेजा गया, जल स्रोत सालभर उपलब्ध हुए और खेती, मत्स्य पालन व ग्रामीण रोजगार के नए अवसर बढ़े।
राज्य सरकार
मन की बात : जल संरक्षण अभियान को मिला राष्ट्रीय सम्मान, पीएम मोदी ने किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर निगम के कैच द रेन अभियान और वर्षा जल संरक्षण मॉडल की सराहना की। इसरो की तकनीक से बने रिचार्ज वेल, अनिवार्य रेन वाटर हार्वेस्टिंग और जनभागीदारी आधारित प्रयासों ने कोरबा को जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
बलरामपुर-रामानुजगंज
नई पहल : बलरामपुर में जल संरक्षण की मिसाल, एक माह में बने 54 हजार सोख्ता गड्ढे
बलरामपुर जिले में जल संरक्षण को लेकर बड़ा अभियान चलाया गया है। जनभागीदारी से एक महीने में 54 हजार से अधिक सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया गया, जिससे बारिश के पानी को सहेजने और भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन की पहल पर ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया।
राज्य सरकार
अभियान : रोजगार के साथ जल संरक्षण पर जोर, विकसित भारत मिशन से गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मोर गांव-मोर पानी अभियान के तहत प्रदेश में जल संरक्षण, वृक्षारोपण और ग्रामीण रोजगार के कार्यों को गति दी जा रही है। एमसीबी जिले के ग्राम बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में जल संरक्षण एवं हरित विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे करीब 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित होगी।
राज्य सरकार
जल संरक्षण : मोर गांव, मोर तरिया अभियान बना मिसाल
बिलासपुर जिले में “मोर गांव, मोर तरिया” अभियान के तहत जल संरक्षण और संवर्धन कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मस्तूरी के बोहारडीह सहित विभिन्न क्षेत्रों में तालाब निर्माण कार्य मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में 38 नए तालाबों को मंजूरी दी गई है।
राज्य सरकार
पानी अभियान : बरेकेलकला में जल संरक्षण को लेकर ग्रामीणों और किसानों को किया गया जागरूक
ग्राम बरेकेलकला में मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत ग्रामीणों और किसानों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने सोकपिट और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के निर्माण पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में भू-जल स्तर बढ़ाने और जल संकट कम करने पर जोर दिया गया तथा जनभागीदारी से निर्मित जल अवशोषण ट्रेंच का निरीक्षण भी किया गया। ग्रामीणों ने स्व-प्रेरणा से अपने घरों और खेतों में जल संरक्षण संरचनाएं बनाना शुरू किया है।
जल संरक्षण : जनआंदोलन बनाने की पहल, गांव-गांव में बनेंगी नई संरचनाएं
“मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” अंतर्गत जिले में जनभागीदारी सप्ताह की शुरुआत की गई। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार ने विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर जल संरक्षण संरचनाओं का जायजा लिया और ग्रामीणों को सोखता गड्ढा व जल संवर्धन संरचनाएं बनाने के लिए प्रेरित किया।
छत्तीसगढ़
कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में दिए सख्त निर्देश, ई-ऑफिस, जनगणना और जल संरक्षण अभियानों में तेजी लाने पर जोर
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में हुई समय-सीमा बैठक में जिले की शासकीय योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी कार्यालयों में आधार आधारित उपस्थिति और ई-ऑफिस प्रणाली को पूर्ण रूप से लागू करने, बिना अनुमति मुख्यालय से बाहर न रहने तथा परीक्षा ड्यूटी में अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिए। बैठक में जनगणना 2027 के तहत स्वगणना फॉर्म भरने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चावल भंडारण एवं वितरण, तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्य शीघ्र शुरू करने और “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” के तहत बड़े पैमाने पर जल संरक्षण संरचनाएं बनाने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध कार्य करने और शासन की प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।