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जल संरक्षण अभियान में सोख्ता गड्ढों का निर्माण
जल संरक्षण अभियान में सोख्ता गड्ढों का निर्माण
बलरामपुर-रामानुजगंज

नई पहल : बलरामपुर में जल संरक्षण की मिसाल, एक माह में बने 54 हजार सोख्ता गड्ढे

बलरामपुर जिले में जल संरक्षण को लेकर बड़ा अभियान चलाया गया है। जनभागीदारी से एक महीने में 54 हजार से अधिक सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया गया, जिससे बारिश के पानी को सहेजने और भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन की पहल पर ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 23 Jul 2026, 05:11 PM · अपडेट: 29 Oct 2026, 07:23 PM
बलरामपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बलरामपुर जिला प्रशासन ने जनभागीदारी से एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जिले में बारिश के पानी को सहेजने और भूजल स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष अभियान के तहत महज एक माह में 54 हजार से अधिक सोख्ता (सोक पिट) गड्ढों का निर्माण किया गया है। प्रशासन का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में जल संकट से निपटने में अहम भूमिका निभाएगी। 
जिले के सभी विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में इस अभियान को एक साथ संचालित किया गया। इसमें जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, स्व-सहायता समूहों, ग्रामीणों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रोजगार सहायकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने श्रमदान कर इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया।

कलेक्टर की पहल से मिली रफ्तार

यह अभियान जिला कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की पहल, निगरानी और मार्गदर्शन में चलाया गया। जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों को निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। इसी का परिणाम रहा कि कम समय में बड़ी संख्या में सोख्ता गड्ढों का निर्माण पूरा किया जा सका।

वर्षा जल को जमीन में पहुंचाने का प्रभावी माध्यम

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और ग्रामीण क्षेत्रों में भविष्य के जल संकट का स्थायी समाधान तैयार करना है। उन्होंने कहा कि सोख्ता गड्ढे बारिश के पानी को सीधे जमीन के अंदर पहुंचाने का बेहतर माध्यम हैं।

जलस्रोतों को बनाए रखने में मिलेगी मदद

प्रशासन के अनुसार सोख्ता गड्ढों से पानी का प्राकृतिक पुनर्भरण (रिचार्ज) होगा, जिससे भूजल स्तर में सुधार आएगा। इसका सीधा लाभ हैंडपंप, कुएं और अन्य जलस्रोतों को मिलेगा। लंबे समय तक जल उपलब्धता बनाए रखने में यह संरचनाएं महत्वपूर्ण साबित होंगी।

ग्रामीणों ने श्रमदान कर दिया जल संरक्षण का संदेश

अभियान के दौरान हजारों ग्रामीणों ने स्वेच्छा से श्रमदान किया और जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी दिखाई। पंचायत प्रतिनिधियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर भी जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाएं बनाएं और बारिश की हर बूंद को बचाने का प्रयास करें।

आगे भी जारी रहेंगे जल संरक्षण अभियान

जिला प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य केवल सोख्ता गड्ढों का निर्माण करना नहीं, बल्कि लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की सामूहिक सोच विकसित करना है। 
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