"फसलों के उत्पादन" के लिए 6 परिणाम मिले
कारोबार
The impact of El Niño: भारत में खाद्य तेल और चीनी का आयात बढ़ने की आशंका
The impact of El Niño: भारत में दाल, चीनी, सोयाबीन और तिलहन जैसी फसलों के उत्पादन पर दबाव बढ़ने की आशंका है। इससे खाद्य तेल, चीनी, मक्का और पशु आहार के आयात में बढ़ोतरी हो सकती है।
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Khet Bachao Abhiyan: किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक मार्गदर्शन, मृदा स्वास्थ्य और प्राकृतिक खेती पर रहेगा जोर
Khet Bachao Abhiyan: आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान और कृषि विज्ञान केंद्र बेमेतरा के सहयोग से 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक खेत बचाओ अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य में सुधार, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती और जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देना है।
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Seva Sankalp Abhiyan: सुशासन से संवर रहा छत्तीसगढ़, जनकल्याण से बदल रही तस्वीर
Seva Sankalp Abhiyan: सुशासन और जनकल्याण की योजनाओं से छत्तीसगढ़ में गांव, गरीब, किसान, महिला, बच्चे और युवाओं के जीवन में बदलाव की तस्वीर सामने आ रही है। सुरक्षित आवास, डिजिटल सेवाएं, महिला सशक्तिकरण, सुपोषण, कृषि और पशुपालन जैसी पहलें लोगों को बेहतर सुविधाओं के साथ आत्मनिर्भरता और सम्मान का अवसर दे रही हैं।
राज्य सरकार
Chhattisgarh Agriculture: नदी किनारे के 152 गांवों में बदलेगा खेती का तरीका, 38 हजार किसानों को मिलेगा फायदा
Chhattisgarh Agriculture: महानदी, पैरी, सोंढूर और खारून नदी किनारे बसे 152 गांवों में फसल विविधीकरण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। करीब 38 हजार किसानों के 30,841.96 हेक्टेयर कृषि रकबे में भूमि और जल उपलब्धता के अनुसार धान के साथ दलहन, तिलहन, सब्जी, औषधीय और फलदार फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
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ICAR NIBSM Raipur: SCSP के तहत किसानों को 140 बैटरी चालित पावर स्प्रेयर वितरित
ICAR NIBSM Raipur: SCSP के तहत किसानों को पावर स्प्रेयर और सोलर पैनल वितरित किए गए। किसानों एवं ग्राम प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए संस्थान के प्रति आभार जताया। अधिकारियों ने इसे कृषि कार्यों को आसान बनाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
बीज समिति की बैठक में दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना को मिली मंजूरी
जिला स्तरीय बीज समिति की बैठक में दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन, वितरण और भंडारण को बढ़ाने पर समीक्षा की गई। बैठक में आत्मनिर्भर दलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत अरहर, उड़द, मूंग और चना के बीज वितरण एवं उत्पादन लक्ष्यों को मंजूरी दी गई। किसानों को प्रमाणित बीज पर 50% या अधिकतम ₹6000 तक अनुदान देने का निर्णय लिया गया।