"मछली पालन" के लिए 33 परिणाम मिले
राज्य सरकार
fish farming: छोटी डबरी से शुरू हुआ सफर, आधुनिक मछली पालन से सुदर्शन ने रची सफलता की कहानी
fish farming: बस्तर जिले के दरभा विकासखंड के किसान सुदर्शन बघेल ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए आधुनिक मछली पालन को अपनाया। वैज्ञानिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से उन्होंने उत्पादन बढ़ाया और सीधे बाजार में बिक्री कर अच्छी आय अर्जित की।
केंद्र सरकार
PM Matsya Sampada Yojana: खेती से आगे बढ़े किसान, मछली पालन और हैचरी से बना रहे नई पहचान
PM Matsya Sampada Yojana: महासमुंद जिले के किसानों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना आय बढ़ाने का नया माध्यम बन रही है। करीब 150 किसान मछली पालन, हैचरी और पाउंड लाइनर यूनिट से जुड़कर स्वरोजगार और अतिरिक्त आमदनी हासिल कर रहे हैं।
केंद्र सरकार
PM Matsya Sampada Yojana: तालाब से तरक्की तक का सफर, महासमुंद के किसानों ने मछली पालन से बदली अपनी किस्मत
PM Matsya Sampada Yojana: महासमुंद जिले के किसानों को पारंपरिक धान खेती के साथ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से आय के नए अवसर मिल रहे हैं। जिले के करीब 150 किसान मछली पालन, हैचरी और पाउंड लाइनर जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं। बिरकोनी के दिनेश चंद्राकर और बकमा के हिमांशु चंद्राकर जैसे किसानों ने सरकारी अनुदान का लाभ लेकर मछली पालन को सफल व्यवसाय में बदल दिया है।
राज्य सरकार
Bihan Yojana: मछली पालन से आत्मनिर्भर बन रही लखनपुर की महिलाएं
Bihan Yojana: लखनपुर के पुहपुटरा गांव की मुनिता स्व-सहायता समूह की महिलाएं ‘बिहान’ से जुड़कर मछली पालन को आजीविका का साधन बना रही हैं। समूह ने 1.20 लाख रुपये का ऋण लेकर 10 वर्ष की लीज पर तालाब में मछली पालन शुरू किया है। सामूहिक प्रयास से महिलाएं आय बढ़ाने और ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
राज्य सरकार
छोटी डबरी, बड़ा बदलाव : किसान को मिली सिंचाई, मछली पालन और रोजगार का नया सहारा
बस्तर के खोटलापाल गांव में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन के तहत बनी डबरी ने किसान सोनधर की जिंदगी बदल दी है। जल संरक्षण से सिंचाई सुविधा बढ़ी, मछली पालन से अतिरिक्त आय मिली और गांव में भूजल स्तर भी सुधरा।
स्टार्टअप
कम लागत में बंपर कमाई : मछली पालन के लिए सरकार दे रही है 60% तक की भारी सब्सिडी, ऐसे उठाएं फायदा
अगर आप कम निवेश में अच्छा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो मछली पालन एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तालाब निर्माण, मछली बीज, दाना, कोल्ड स्टोरेज और परिवहन जैसी सुविधाओं पर 40% से 60% तक सब्सिडी दी जा रही है। महिला और SC/ST वर्ग के लाभार्थियों को अधिक सहायता मिलती है।
राज्य सरकार
समारोह : मुख्यमंत्री ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी, मछली पालन और समाजिक प्रगति पर जोर
रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के शपथ ग्रहण समारोह एवं सामाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” मंत्र के आधार पर प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।
राज्य सरकार
मत्स्य पालन : ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव की कहानी, मछली पालन और खेती से उमा सिंह बनीं आत्मनिर्भर
उमा सिंह ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर खेती, मत्स्य पालन और छोटे व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भरता हासिल की। 85 हजार रुपये के सहयोग से शुरू किए गए कार्यों ने उन्हें “लखपति दीदी” की पहचान दिलाई। उनकी सफलता से ग्रामीण महिलाओं में स्वरोजगार के प्रति प्रेरणा और जागरूकता बढ़ी है।
सफलता : धान से आगे बढ़कर मिर्च, मक्का और मछली पालन से किसान बना रहा मॉडल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम फुतकेल के किसान गोपाल एर्रागोला ने आधुनिक और बहुफसली खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वर्षा आधारित धान खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मक्का, मूंगफली, मिर्च, सब्जी उत्पादन, पशुपालन और मछली पालन को अपनाया। कृषि विभाग, आत्मा योजना, ड्रिप सिंचाई, सौर सुजला योजना और प्राकृतिक खेती तकनीकों की मदद से उनकी वार्षिक शुद्ध आय लगभग 3.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं को भी वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।
छत्तीसगढ़
आजीविका डबरी बनी वरदान : बिसाहिन ने मछली पालन से बदली किस्मत, दोगुनी हुई आय
छत्तीसगढ़ के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पहरनादादर की किसान बिसाहिन पहले वर्षा आधारित खेती पर निर्भर थीं, जिससे उनकी आय सीमित थी। वर्ष 2025 में सरकारी योजना के तहत उनके खेत में लगभग 20×20 मीटर की आजीविका डबरी (कृषि तालाब) का निर्माण किया गया, जिसकी जल भंडारण क्षमता करीब 894 घन मीटर है। तालाब बनने के बाद उन्होंने मछली पालन शुरू किया और साथ ही रबी फसल व सब्जी उत्पादन भी करने लगीं। इससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और उन्हें खेती के साथ अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत मिला।
मछली पालन से समिति को हो रही लाखों की आय
मां दुर्गा मछुआरा सहकारी समिति ने उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज एवं परिपूरक आहार से उत्पादन में की तीन गुणा वृद्धि
राज्य सरकार
Water Conservation: डबरी ने किसान प्रभु लाल को दी सिंचाई के साथ अतिरिक्त आय की राह
Water Conservation: धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम बेन्द्राचुवा में वीबी-जी रामजी योजना के तहत बनी आजीविका डबरी किसान प्रभु लाल के लिए आय और सिंचाई का नया साधन बन गई है। डबरी में वर्षा जल संग्रहण से करीब 2.5 एकड़ खेत को सिंचाई सुविधा मिली, वहीं किसान ने इसमें मछली पालन शुरू कर अतिरिक्त आय भी अर्जित की।