Tuesday, 03 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
CG Accident: नींद की झपकी से पलटा लोहे के तारों से भरा ट्रक, सुपेला फ्लाईओवर पर लगा जाम CG Crime News: आपसी विवाद में युवक पर चाकू से हमला, CCTV में कैद हुई घटना CG Health Department: आयुष्मान योजना में गड़बड़ी, रायपुर के SK Care Hospital पर एक साल का प्रतिबंध Cyber Fraud: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 32 लाख की ठगी, इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार Cattle Smuggling: ओडिशा ले जाए जा रहे थे 6 गौवंश, पुलिस ने 19 वर्षीय युवक को पकड़ा CG Rajyotsav: रायपुर से नवा रायपुर तक अमित शाह का दौरा, राज्योत्सव में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री CG Accident: नींद की झपकी से पलटा लोहे के तारों से भरा ट्रक, सुपेला फ्लाईओवर पर लगा जाम CG Crime News: आपसी विवाद में युवक पर चाकू से हमला, CCTV में कैद हुई घटना CG Health Department: आयुष्मान योजना में गड़बड़ी, रायपुर के SK Care Hospital पर एक साल का प्रतिबंध Cyber Fraud: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 32 लाख की ठगी, इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार Cattle Smuggling: ओडिशा ले जाए जा रहे थे 6 गौवंश, पुलिस ने 19 वर्षीय युवक को पकड़ा CG Rajyotsav: रायपुर से नवा रायपुर तक अमित शाह का दौरा, राज्योत्सव में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री
W 𝕏 f
होम › मछली पालन से समिति को हो रही लाखों की आय
मछली पालन से समिति को हो रही लाखों की आय
मछली पालन से समिति को हो रही लाखों की आय

मछली पालन से समिति को हो रही लाखों की आय

मां दुर्गा मछुआरा सहकारी समिति ने उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज एवं परिपूरक आहार से उत्पादन में की तीन गुणा वृद्धि

कीर्तिमान ब्यूरो
प्रकाशित: 20 Mar 2026, 01:13 PM · अपडेट: 28 Oct 2026, 06:54 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

महासमुंद जिले के विकासखंड बसना अंतर्गत ग्राम कुरचुन्डी की मां दुर्गा मछुआरा सहकारी समिति मर्यादित आज ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में सफल मत्स्य व्यवसायी के रूप में उभर रहे हैं। इस समिति में कुल 52 सदस्य हैं, जिनमें 15 महिलाएं एवं 37 पुरुष शामिल हैं। लगभग 85 हेक्टेयर जल क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से निरंतर मत्स्य पालन कर यह समिति आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलतापूर्वक अग्रसर है।
समिति के सदस्य बताते है कि वे पहले खेती एवं मजदूरी पर निर्भर थे, जिससे उनकी आय सीमित थी और आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहती थी। लेकिन मत्स्य पालन को अपनाने के बाद आज उनकी आय में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। जहां पहले कुल उत्पादन 7 क्विंटल और आय लगभग एक लाख 5 हजार था, वहीं अब मत्स्य विभाग के सहयोग से उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज एवं परिपूरक आहार के उपयोग से उत्पादन बढ़कर 21 क्विंटल एवं आय 3 लाख 15 हजार रुपए तक पहुंच गई है।
विभाग द्वारा समय-समय पर वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन का प्रशिक्षण, निरीक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत जाल, आईस बॉक्स, मत्स्य बीज, सीफेक्स तथा मोटरसाइकिल अनुदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इन संसाधनों से उत्पादन बढ़ने के साथ मछलियों को लंबे समय तक ताजा रखने एवं दूरस्थ बाजारों तक पहुंचाने में भी सफलता मिली।
समिति के सदस्यों को एन.एफ.डी.पी. पोर्टल में पंजीयन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया तथा राज्य के बाहर शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से नई तकनीकों से अवगत कराया गया। इससे उनके ज्ञान एवं कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। मत्स्य पालन से जुड़ने के बाद समिति के सदस्यों के जीवन स्तर में अधिक सुधार देखने को मिला है। सदस्यों में आर्थिक तंगी दूर हुई है और आय का एक हिस्सा भविष्य की सुरक्षा के लिए बैंक में जमा किया जा रहा है। विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी ने महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया है। विभाग द्वारा समिति को उन्नत तकनीकों का और अधिक प्रशिक्षण देने, विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करने, सजावटी मछली पालन एवं मत्स्य बीज उत्पादन के क्षेत्र में विस्तार के लिए और अधिक प्रयास किए जा रहे हैं।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें