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डिजिटल बैंकिंग : एसबीआई में ग्राहकों को दी रही आधुनिक सुविधाओं पर मैनेजर बिजेंद्र कुमार ने दी जानकारी
भारतीय स्टेट बैंक के महासमुंद कलेक्टोरेट शाखा के मैनेजर बिजेंद्र कुमार ने कीर्तिमान कार्यालय पहुंचे, सामान्य विजिट के दौरान उन्होंने संस्था संस्थापक डॉ. नीरज गजेंद्र से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्राहकों को दी जा रही बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल सेवाओं और सुरक्षित लेनदेन को लेकर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंक अब डिजिटल बैंकिंग को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चला रहा है।
मिशन बनाम कमीशन : बदलती पत्रकारिता के दौर में सच की तलाश पर पत्रकारों का मंथन
वरिष्ठ पत्रकार मलय बेनर्जी और डॉ. नीरज गजेंद्र के बीच हुई चर्चा में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, मिशन से कमीशन की ओर झुकाव और डिजिटल युग की चुनौतियों पर गहन विचार हुआ। संवाद का निष्कर्ष यही रहा कि सत्य, निष्पक्षता और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की असली ताकत हैं।
अमरजीत चावला : जनमत, जनभावना और राजनीति पर छत्तीसगढ़ में नई बहस की ज़रूरत
कीर्तिमान कार्यालय में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमरजीत चावला और पत्रकार डॉ. नीरज गजेंद्र के बीच हुई मुलाकात में छत्तीसगढ़ की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, जनहित के मुद्दों और लोकतांत्रिक विमर्श पर गंभीर चर्चा हुई। इस संवाद ने राज्य की राजनीति के बदलते स्वरूप और जनता की अपेक्षाओं को केंद्र में रखकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए।
बदल रही तस्वीर : अविरल-निर्मल सितली की ओर बढ़ता महासमुंद, जनसहयोग से हो रहा नाले के कायाकल्प
महासमुंद के सितली नाला के कायाकल्प को लेकर जनसहयोग से बड़ा अभियान आकार ले रहा है। पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा और प्रगति पर विस्तार से जानकारी दी। बताया कि अविरल सितली, निर्मल सितली अभियान के तहत श्रमदान, अंशदान और समयदान के जरिए नागरिक खुद आगे आकर बदलाव की मिसाल पेश कर रहे हैं।
डिजिटल युग : बदलते दौर में शिक्षा का नया आधार बना सोशल मीडिया, एआई से सशक्त हो रहे छात्र
सोशल मीडिया और एआई ने शिक्षा को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बना दिया है। छोटे शहरों के छात्रों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे बड़े शहरों के छात्रों के समान संसाधनों का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। सांई कोचिंग के डायरेक्टर द्वय डॉ. रंजना दुबे और लव दुबे दोनों का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में इस डिजिटल परिवर्तन को अपनाना समय की मांग है। यदि छात्र और अभिभावक इन आधुनिक साधनों का सही उपयोग करें, तो निश्चित रूप से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
बदलते गांव, बदलती जरूरतें : अब 5G नेटवर्क के साथ डिजिटल शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं की मांग
गांव अब कृषि और पारंपरिक जीवनशैली तक सीमित नहीं रह गए हैं, वे भी आधुनिकता और तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्रामीण भारत की यह बदलती तस्वीर आने वाले समय में देश के समग्र विकास की नई दिशा तय कर सकती है।
मीडिया विमर्श : सूचनाओं के शोर में सच की पहचान चुनौतीपूर्ण, विश्वसनीय मीडिया की भूमिका अहम
ट्रेडिंग मशीनों के दौर से लेकर आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म तक के बदलावों को याद करते हुए पत्रकारों ने कहा कि पहले जहां समाचार पत्र सीमित संसाधनों और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत प्रकाशित होते थे, वहीं आज अत्याधुनिक मशीनों और डिजिटल तकनीकों ने सूचना को पलभर में वैश्विक स्तर तक पहुंचा दिया है।
सियासी चिंतन : सत्ता की होड़ में सिमटती राजनीति और मूल मुद्दों से भटकता जनहित...स्वस्थ समाज के लिए शुभ संकेत नहीं
यदि राजनीति को पुनः जनसेवा का माध्यम बनाना है, तो सभी पक्षों जैसे राजनीतिक दलों, नेताओं, मीडिया और नागरिकों को मिलकर प्रयास करना होगा। अन्यथा, लोकतंत्र केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित होकर रह जाएगा, जो किसी भी स्वस्थ समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है
सामाजिक चिंतन : सद्भाव में है छत्तीसगढ़ की पहचान, सर्व समाज को एकजुट होने का आह्वान
छत्तीसगढ़ की असली ताकत उसकी सामाजिक एकता में निहित है। यदि सभी समाज मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो कोई भी बाहरी या आंतरिक चुनौती इस एकता को कमजोर नहीं कर सकती। आज आवश्यकता है कि हम अपने पुराने मूल्यों को याद करें और मिल-जुलकर एक ऐसे छत्तीसगढ़ का निर्माण करें, जहां सद्भाव, सहयोग और सम्मान सर्वोपरि हों।
आस्था के केंद्रों को सशक्त बनाने में जुटा मंदिर महासंघ, संयोजक दाऊलाल ने पारदर्शिता, सुरक्षा और स्वायत्तता को बताया जरूरी
खल्लारी में हाल ही में हुई रोपवे दुर्घटना को उन्होंने दुखद बताया, लेकिन उससे भी अधिक चिंताजनक बात उनके अनुसार यह है कि दुर्घटना की जांच के नाम पर मंदिर ट्रस्टियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उनका तर्क बिल्कुल स्पष्ट है कि मंदिर ट्रस्ट का दायित्व मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं की व्यवस्था तक सीमित है, न कि किसी तकनीकी ढांचे जैसे रोपवे के रख-रखाव तक
सबके भीतर राम के जरिए महंत पोखनदास ने दिया आध्यात्मिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने का संदेश
सबके भीतर राम का मूल संदेश यह है कि परमात्मा हर व्यक्ति के भीतर विद्यमान है और नाम-स्मरण के माध्यम से उसे अनुभव किया जा सकता है। कविताओं में भक्ति, आंतरिक शुद्धता और जीवन की सच्चाई को सरल भाषा में व्यक्त किया गया है।
पत्रकारिता : स्पीड नहीं, विश्वसनीयता ही मीडिया की असली पहचान, कीर्तिमान बना भरोसे का नया मंच
कीर्तिमान के कार्यालय में सौजन्य भेंट के लिए पहुंचे ट्रूथ अनसेंसोरड के संस्थापक और वरिष्ठ पत्रकार अनिल तिवारी ने कहा कि आज मीडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले खबर देने की होड़ है। इस आपा-धापी ने कई बार पत्रकारिता की मूल आत्मा को प्रभावित किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जल्दबाजी में दी जा रही अपुष्ट और अधूरी जानकारी दर्शकों को भ्रमित करती है, मीडिया संस्थानों की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाती है।