महासमुंद
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महासमुंद में आधुनिक बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड: युवाओं को मिला सुरक्षित और स्मार्ट खेल मंच
महासमुंद जिले के फॉरेस्ट ग्राउंड में लगभग 25 लाख रुपये की लागत से विकसित बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड अगस्त 2025 से आम लोगों के लिए खुला है। सीमित स्थान में तैयार इस आधुनिक सुविधा से बच्चों, युवाओं और कामकाजी लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक खेल का अवसर मिल रहा है। फ्लडलाइट, नेटिंग और फ्लोर मैट जैसी सुविधाओं के साथ यह ग्राउंड कम समय में अधिक अभ्यास और फिटनेस का बेहतर विकल्प बनकर उभरा है, जिससे खेल के प्रति रुचि और अनुशासन भी बढ़ रहा है।
बंजर जमीन बनी सोने की खान: किसान लक्ष्मीकांत साहू ने ऑयल पाम से लिखी सफलता की कहानी
पिथौरा विकासखंड के ग्राम बेलडीह के किसान लक्ष्मीकांत साहू ने बंजर भूमि पर ऑयल पाम की खेती शुरू कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और सरकारी योजना के तहत मिली सहायता से उन्होंने ड्रिप सिंचाई, बोरवेल और फेंसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं अपनाईं। साथ ही अंतरवर्तीय फसल के रूप में बैंगन और करेला उगाकर अतिरिक्त आय प्राप्त की। बैंगन से ही उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। उनकी सफलता से आसपास के किसान भी आधुनिक खेती और ऑयल पाम की ओर प्रेरित हो रहे हैं।
बिजली बंद : बीटीआई रोड एवं आसपास के क्षेत्रों में 7 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित
बीटीआई रोड क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं विद्युत लाइनों के रखरखाव कार्य के कारण 18 अप्रैल 2026 (शनिवार) को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी।
18 अप्रैल को प्रदेशभर में स्कूल बंद : आरटीई प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग पर निजी स्कूलों का आंदोलन तेज
महासमुंद में आरटीई के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर निजी स्कूल संचालकों का आंदोलन तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के नेतृत्व में स्कूलों के शिक्षकों और संचालकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। संचालकों का कहना है कि 2011 से तय दरों के अनुसार कक्षा 1 से 5 तक 7,000 रुपये और कक्षा 6 से 8 तक 11,400 रुपये प्रति विद्यार्थी प्रतिवर्ष मिलते हैं, जो बढ़ती महंगाई और शैक्षणिक खर्चों के मुकाबले काफी कम हैं। साथ ही भुगतान में देरी और जटिल प्रक्रियाओं से भी परेशानी हो रही है।
महासमुंद में नशे पर बड़ा प्रहार: 9 क्विंटल 99 किलो गांजा नष्ट, कीमत 5 करोड़ से अधिक
महासमुंद पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 क्विंटल 99 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा नष्ट किया, जिसकी अनुमानित कीमत 5.04 करोड़ रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई 18 NDPS मामलों से जुड़ी थी, जो कोमाखान, बसना, सिंघोड़ा, सांकरा और पिथौरा थानों में दर्ज थे। नष्टीकरण जिला ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में बालाजी प्लांट में किया गया। पुलिस ने इसे नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश बताते हुए “नशा मुक्त महासमुंद” का संकल्प दोहराया।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर नया मोड़, BEO पर जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति गठित; पुरानी जांच लंबित रहने से प्रशासन पर उठे सवाल
महासमुंद में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) लीलाधर सिन्हा पर शिक्षकों से अवैध वसूली, फर्जी बिल, स्टेशनरी घोटाला और अन्य अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की जांच के लिए कलेक्टर ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है, जिसे एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी है। हालांकि शिक्षक संगठनों का आरोप है कि आठ महीने पहले बनी एक पुरानी जांच समिति ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षक संघ ने निष्पक्ष जांच न होने पर आंदोलन, भूख हड़ताल और पदयात्रा की चेतावनी दी है।
आजीविका डबरी बनी वरदान : बिसाहिन ने मछली पालन से बदली किस्मत, दोगुनी हुई आय
छत्तीसगढ़ के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पहरनादादर की किसान बिसाहिन पहले वर्षा आधारित खेती पर निर्भर थीं, जिससे उनकी आय सीमित थी। वर्ष 2025 में सरकारी योजना के तहत उनके खेत में लगभग 20×20 मीटर की आजीविका डबरी (कृषि तालाब) का निर्माण किया गया, जिसकी जल भंडारण क्षमता करीब 894 घन मीटर है। तालाब बनने के बाद उन्होंने मछली पालन शुरू किया और साथ ही रबी फसल व सब्जी उत्पादन भी करने लगीं। इससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और उन्हें खेती के साथ अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत मिला।
पिथौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जटिल सिजेरियन सफल, एक साथ निकाला गया 1.5 किलो ओवेरियन ट्यूमर, जच्चा-बच्चा सुरक्षित
पिथौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. रेवेन्द्र साहू और उनकी टीम ने चार गर्भवती महिलाओं का सफल सिजेरियन ऑपरेशन किया। एक प्रसूता में 2.8 किलो के शिशु के साथ 1.5 किलो का बड़ा ओवेरियन सिस्ट भी सफलतापूर्वक निकाला गया। सभी माताएँ और नवजात शिशु सुरक्षित हैं।
एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई: सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर रंगे हाथ गिरफ्तार
महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत बेमचा के सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता सूरज राम रात्रे ने बताया कि सरपंच ने निर्माण के लिए पहले से जारी एनओसी को निरस्त कर दिया और पुनः जारी करने के बदले 3.80 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। एसीबी ने योजना बनाकर 16 अप्रैल 2026 को आरोपी को 1 लाख रुपये की अगली किस्त लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया है और एसीबी की टीम पूछताछ कर रही है। यह कार्रवाई प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की मजबूत पहल का प्रतीक है।
गुरुकुल विद्यालय सोनासिल्ली में संस्कृत भारती का त्रिदिवसीय संस्कृत भाषाबोधन वर्ग सम्पन्न
पिथौरा के समीप ग्राम सोनासिल्ली स्थित गुरुकुल विद्यालय में संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ द्वारा तीन दिवसीय संस्कृत भाषाबोधन वर्ग का आयोजन किया गया, जिसमें 81 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को संस्कृत में परिचय, व्याकरण, गीत, खेल और योग के माध्यम से भाषा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विभिन्न सत्रों में संस्कृत भाषा के महत्व, आधुनिक समय में इसकी उपयोगिता और “पंच परिवर्तन” जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए। समापन अवसर पर अतिथियों ने संस्कृत को भारतीय संस्कृति की प्राचीन और समृद्ध भाषा बताते हुए इसके दैनिक उपयोग पर जोर दिया।
तैयारियां तेज : जिले में 2285 प्रगणकों को तीन चरणों में दिया जा रहा प्रशिक्षण
जिले में जनगणना 2027 की तैयारी के तहत मकान सूचीकरण और डिजिटल गणना के लिए 2285 प्रगणकों व सुपरवाइजर्स को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना होगी, जबकि 1 मई से 30 मई 2026 तक HLO मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया जाएगा। कलेक्टर ने प्रशिक्षण का निरीक्षण कर सभी कर्मियों को गंभीरता, शिष्टाचार और पूरी तैयारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बेलटुकरी में 3.5 किमी पक्की सड़क निर्माण शुरू, स्कूली बच्चों को मिलेगा सुगम आवागमन
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर ग्राम बेलटुकरी में नेशनल हाईवे से स्कूल तक 3.5 किलोमीटर पक्की सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। यह निर्णय ग्रामीणों की मांग और जनचौपाल में उठाई गई समस्याओं के आधार पर लिया गया था। पहले कच्चे रास्ते के कारण, खासकर बारिश में, बच्चों को स्कूल आने-जाने में कठिनाई होती थी। अब इस सड़क के बनने से सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा। निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।