महासमुंद
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गड़बेड़ा में द्विदिवसीय भव्य मानस गान समारोह का भक्तिमय समापन, भंडारे के साथ हुआ आयोजन सम्पन्न
ग्राम गड़बेड़ा (पिथौरा के समीप) में आयोजित द्विदिवसीय भव्य मानस गान समारोह का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ। इस आयोजन में कई मानस परिवारों ने रामायण के प्रसंगों की मनोहरी प्रस्तुतियाँ दीं, जिनके माध्यम से भक्ति, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, गौ-रक्षा और सामाजिक मूल्यों का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू सहित कई अतिथि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समापन अवसर पर महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का विशेष योगदान रहा।
श्रमिक पंजीयन व नवीनीकरण हेतु 30 अप्रैल तक चल रहे मोबाइल शिविर, गाँव-वार्ड में मिल रही सुविधा
छत्तीसगढ़ में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार तथा असंगठित कर्मकार मंडल के तहत श्रमिकों के पंजीयन और नवीनीकरण के लिए 16 मार्च से 30 अप्रैल 2026 तक मोबाइल शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में श्रमिकों को उनके गाँवों, वार्डों और नगरीय निकायों में ही सुविधा दी जा रही है। इस सप्ताह पिथौरा, बसना, सरायपाली, महासमुंद और बागबाहरा के विभिन्न ग्रामों व वार्डों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। श्रमिकों को नवीनीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल तथा नए पंजीयन के लिए आय प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज लाने होंगे। विभाग ने अधिक से अधिक श्रमिकों से इन शिविरों का लाभ लेने की अपील की है।
8वें पोषण पखवाड़ा के तहत आयुष विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व मस्तिष्क विकास पर केंद्रित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
छत्तीसगढ़ के जिला आयुष विभाग द्वारा 9 से 23 अप्रैल 2026 तक 8वें पोषण पखवाड़ा के तहत जनजागरूकता और स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष का मुख्य विषय जीवन के पहले 6 वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना है। इसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयुष संस्थानों के माध्यम से सुवर्णप्राशन, गर्भिणी परिचर्या, योग, आहार-जीवनशैली मार्गदर्शन और स्वास्थ्य परामर्श जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कुपोषण कम करना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
मंच पर मासूम भक्ति : नन्हे शोभित के नृत्य से भावविभोर हुए श्रद्धालु
बसना के मंडी प्रांगण में राइस मिल एसोसिएशन द्वारा आयोजित अष्टप्रहरी नाम यज्ञ के दौरान भक्ति और संगीत से भरा वातावरण देखने को मिला। इसी बीच ग्राम परगला की नीलो माधव कीर्तन मंडली से आए 7 वर्षीय बालक शोभित पटेल ने “हरे राम हरे कृष्णा” भजन पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उसके नृत्य में भक्ति, लय और आत्मविश्वास का अनोखा संगम दिखाई दिया। श्रद्धालु उसकी प्रस्तुति से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उसे आशीर्वाद स्वरूप आर्थिक सम्मान भी दिया। शोभित की यह प्रस्तुति आयोजन का प्रमुख आकर्षण बन गई और उसकी मासूम भक्ति ने सभी के दिलों में गहरी छाप छोड़ी।
मेरिट सूची गायब : कोटवार पद की भर्ती को लेकर ग्राम बिरकोनी में असमंजस की स्थिति, क्या होगा चयन का आधार?
महासमुंद तहसील के ग्राम पंचायत बिरकोनी में कोटवार पद की भर्ती प्रक्रिया हाईकोर्ट के आदेश के बाद चल रही है। कुल 18 लोगों ने आवेदन किया है, जिनका चरित्र सत्यापन पुलिस द्वारा किया जा रहा है। लेकिन अब तक कोई मेरिट सूची जारी नहीं की गई है, जिससे चयन के मानकों को लेकर असमंजस बना हुआ है। तहसील कार्यालय ने आवेदकों की सूची ग्राम पंचायत को भेजकर प्रस्ताव मांगा है, और अंतिम चयन पंचायत के निर्णय पर निर्भर होगा। ग्रामीणों और आवेदकों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि चयन किन आधारों पर होगा यह स्पष्ट नहीं है। बैठक के बाद पंचायत द्वारा नाम प्रस्तावित किए जाएंगे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।
बीटीआई रोड चौड़ीकरण अधर में, धूल-गड्ढों में डूबी जनता की जिंदगी
महासमुंद की बीटीआई रोड का चौड़ीकरण कार्य पिछले कई महीनों से रुका हुआ है, जिससे सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। अधूरी खुदाई, बड़े-बड़े गड्ढे और लगातार उड़ती धूल के कारण यह मार्ग अब आम लोगों के लिए जोखिम भरा बन गया है।
धूल और खराब सड़क से स्थानीय निवासियों को सांस और आंखों की समस्याएं हो रही हैं, वहीं व्यापार भी प्रभावित हुआ है। अधूरी नालियों के कारण हल्की बारिश में जलभराव की स्थिति बन जाती है। काम रुकने के पीछे बकाया भुगतान, विभागीय समन्वय की कमी और मॉनिटरिंग में लापरवाही जैसे कारण बताए जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
डिजिटल युग : बदलते दौर में शिक्षा का नया आधार बना सोशल मीडिया, एआई से सशक्त हो रहे छात्र
सोशल मीडिया और एआई ने शिक्षा को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बना दिया है। छोटे शहरों के छात्रों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे बड़े शहरों के छात्रों के समान संसाधनों का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। सांई कोचिंग के डायरेक्टर द्वय डॉ. रंजना दुबे और लव दुबे दोनों का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में इस डिजिटल परिवर्तन को अपनाना समय की मांग है। यदि छात्र और अभिभावक इन आधुनिक साधनों का सही उपयोग करें, तो निश्चित रूप से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
जिले में PM-AASHA योजना के तहत रबी 2025-26 दलहन–तिलहन खरीदी शुरू, किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ
बदलते गांव, बदलती जरूरतें : अब 5G नेटवर्क के साथ डिजिटल शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं की मांग
गांव अब कृषि और पारंपरिक जीवनशैली तक सीमित नहीं रह गए हैं, वे भी आधुनिकता और तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्रामीण भारत की यह बदलती तस्वीर आने वाले समय में देश के समग्र विकास की नई दिशा तय कर सकती है।
न्योता भोज : “मां की याद में सजा स्नेह का भोज, बच्चों संग बैठकर अधिकारियों ने बांटी ममता”
महासमुंद जिले के बागबाहरा स्थित खुशरुपाली स्कूल में कलेक्टर विनय कुमार लहंगे की माताजी की स्मृति में न्योता भोज का आयोजन हुआ। अधिकारियों ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बच्चों को पढ़ाई और लक्ष्य निर्धारण के लिए प्रेरित किया गया।
हाल ए नगर सरकार : सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी के साथ पसरी है पालिका प्रशासन की उपेक्षा
महासमुंद में नगर पालिका द्वारा बनाए गए सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय अब बदहाल स्थिति में हैं, इन शौचालयों की सफाई की स्थिति बेहद खराब है, कई जगहों पर दरवाजे टूटे हैं और पानी की कमी है, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। महिलाओं और बच्चों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से असुरक्षित बन गई है। इसके अलावा, असामाजिक गतिविधियों का खतरा बढ़ रहा है क्योंकि कई स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था नहीं है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उन्होंने प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। प्रशासन से उम्मीद है कि वह शीघ्र इन समस्याओं का समाधान करेगा और शौचालयों की मरम्मत, सफाई और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
एस्ट्रोनॉमी वर्कशॉप: टेलिस्कोप से दिखे ग्रह-नक्षत्र, विज्ञान के प्रति बढ़ी रुचि
पिथौरा के प्रतिभा विद्यालय में समर कैंप के अंतर्गत एक निःशुल्क नाइट एस्ट्रोनॉमी वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना था। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने टेलिस्कोप के माध्यम से चंद्रमा, शनि, बृहस्पति और नक्षत्रों का अवलोकन कराते हुए उनकी जानकारी दी। साथ ही विज्ञान मेला, चित्रकला प्रतियोगिता और अंधविश्वास उन्मूलन, यातायात सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों और आमजन ने भाग लिया तथा नवाचारी प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।