Saturday, 19 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस
W 𝕏 f
होम रायपुर डिजिटल अरेस्ट कांड : 1.25 करोड़ की ठगी करने वाले …
ठगी करने वाले आरोपी गिरफ्तार
ठगी करने वाले आरोपी गिरफ्तार
रायपुर

डिजिटल अरेस्ट कांड : 1.25 करोड़ की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3 और मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 17 राज्यों में फैला था जाल

रायपुर पुलिस ने रिटायर्ड डॉक्टर से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 1.25 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर सेल की टीम ने दिल्ली और कर्नाटक में कार्रवाई कर तीन मुख्य आरोपियों—आर्यन सिंह, जितेंद्र कुमार और राजदीप भाटिया—को गिरफ्तार किया।

प्रकाशित: 16 May 2026, 10:02 AM · अपडेट: 22 May 2026, 05:12 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक रिटायर्ड डॉक्टर को 'डिजिटल अरेस्ट' कर 1.25 करोड़ रुपए ऐंठने वाले शातिर अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का रायपुर पुलिस ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए साइबर सेल की विशेष टीम ने देश के दो अलग-अलग कोनों—दिल्ली और कर्नाटक में छापेमारी कर गिरोह के तीन और मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में करीब दो महीने पहले हरियाणा से एक आरोपी सोमनाथ महतो की गिरफ्तारी हुई थी। उससे मिली कड़ाई से पूछताछ और कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस अब गिरोह के अन्य बड़े चेहरों तक पहुंचने में कामयाब रही है।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान और उनका प्रोफाइल

साइबर सेल और विधानसभा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दबोचे गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:

आर्यन सिंह
जितेंद्र कुमार
राजदीप भाटिया

ये आरोपी बेहद तकनीकी रूप से सक्षम हैं और देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे थे।

खुलासा: 18 'म्यूल' बैंक खातों से ₹10.76 करोड़ का देशव्यापी ट्रांजैक्शन

पुलिसिया जांच में जो सबसे चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है, वह है इस गिरोह के वित्तीय साम्राज्य का पैमाना। आरोपियों के पास से मिले 18 'म्यूल' (किराए के/फर्जी) बैंक खातों की जांच करने पर पता चला है कि इनमें अब तक 10 करोड़ 76 लाख रुपए का संदिग्ध लेन-देन (ट्रांजैक्शन) किया जा चुका है।

यही नहीं, इन खातों का नेटवर्क इतना बड़ा है कि इनके खिलाफ देश के 17 अलग-अलग राज्यों में 88 साइबर अपराध की शिकायतें पहले से ही दर्ज हैं। रायपुर पुलिस अब अन्य राज्यों की पुलिस से भी इन आरोपियों के रिकॉर्ड साझा कर रही है।

हर तरीके के फ्रॉड में माहिर था यह गिरोह

पूछताछ में पता चला है कि यह केवल डिजिटल अरेस्ट तक सीमित नहीं थे, बल्कि इनके पास लोगों को ठगने के कई और अचूक तरीके थे। यह गिरोह निम्नलिखित माध्यमों से लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाता था:

  • लिंक फ्रॉड और शेयर ट्रेडिंग स्कैम

  • YONO APK (फर्जी बैंकिंग ऐप) और पार्ट टाइम जॉब फ्रॉड

  • क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग और फिशिंग लॉटरी

  • आइडेंटिटी थेफ्ट (पहचान चोरी) और सिम स्वैपिंग

  • OTP शेयरिंग, OLX फ्रॉड और फर्जी होटल बुकिंग

केस बैकग्राउंड: मनी लॉन्ड्रिंग की धमकी और खौफ का वो 'डिजिटल अरेस्ट'

यह पूरा मामला रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र का है। पीड़ित रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर सपन कुमार को कुछ अज्ञात नंबरों से फोन आया था। कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई और क्राइम ब्रांच का बड़ा अधिकारी बताया। उन्होंने डॉक्टर पर मानसिक दबाव बनाते हुए कहा:

"आपके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और देश विरोधी गतिविधियों में हुआ है। आपके खिलाफ गैर-जमानती वारंट है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, आप हमारे 'डिजिटल अरेस्ट' में रहेंगे।"

इसके बाद आरोपियों ने डॉक्टर को स्काइप और व्हाट्सऐप वीडियो कॉल पर लगातार अपनी नजरों के सामने रखा। उन्हें किसी भी परिजन या बाहरी व्यक्ति से बात करने से पूरी तरह रोक दिया गया। जेल जाने और बदनामी के इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने डॉक्टर को सम्मोहित (साइकोलॉजिकल प्रेशर) कर दिया और अलग-अलग किस्तों में 1.25 करोड़ रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

साइबर ट्रेल से खुला राज

पैसे ट्रांसफर होने के बाद जब डॉक्टर को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने विधानसभा थाने में मामला दर्ज कराया। इसके बाद रायपुर आईजी और एसएसपी के निर्देश पर साइबर रेंज की टीम ने टेक्निकल एनालिसिस शुरू किया। बैंक खातों के 'मनी ट्रेल', मोबाइल लोकेशन और आईपी एड्रेस को ट्रैक करते हुए पुलिस पहले हरियाणा पहुंची और अब दिल्ली-कर्नाटक से इस गिरोह की कमर तोड़ दी है।

डरें नहीं, सावधान रहें

रायपुर पुलिस ने इस बड़ी कामयाबी के बाद आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है:

  • कोई डिजिटल अरेस्ट नहीं: कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसा कोई प्रावधान नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती।

  • पैसे ट्रांसफर न करें: यदि कोई खुद को जांच अधिकारी बताकर डराए या गुप्त खातों में पैसे भेजने को कहे, तो तुरंत फोन काट दें।

  • यहाँ करें शिकायत: ऐसे मामलों की तुरंत सूचना अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? हमारी सुधार नीति देखें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें