मुंगेली जिले में पुलिस ने एक सराहनीय और तकनीक आधारित अभियान चलाकर लोगों के गुम हुए मोबाइल फोन वापस दिलाकर बड़ी राहत दी है। यह कार्रवाई न केवल एक सामान्य रिकवरी अभियान रही, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीक, साइबर निगरानी और पुलिस की सक्रियता का प्रभावी समन्वय देखने को मिला।
23 अप्रैल को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में “गुम मोबाइल खोज अभियान” चलाया गया, जिसके तहत जिलेभर में दर्ज गुम मोबाइल की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर जांचा गया। इस विशेष अभियान में जिला पुलिस, साइबर सेल और विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों को शामिल किया गया।
आईएमईआई नंबरों के आधार पर ट्रैकिंग
अभियान के दौरान टीम ने भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का उपयोग करते हुए मोबाइलों के IMEI नंबरों के आधार पर ट्रैकिंग शुरू की। तकनीकी विश्लेषण, लगातार सर्विलांस और सूचनाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से पुलिस ने न केवल मुंगेली जिले से बल्कि अन्य जिलों और राज्यों से भी मोबाइल फोन बरामद किए।
90 मोबाइल फोन रिकवर
इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक सतेन्द्रपुरी गोस्वामी और उनकी टीम के साथ-साथ सीसीटीएनएस स्टाफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। टीम ने हर गुम मोबाइल की लोकेशन का पता लगाकर चरणबद्ध तरीके से कुल 90 मोबाइल फोन रिकवर किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 13 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
फोन वापस पाकर चेहरे खिल
मोबाइल बरामद करने के बाद साइबर सेल कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने असली मालिकों को उनके मोबाइल फोन सौंपे। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी और राहत से खिल उठे। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि उनका मोबाइल कभी वापस मिलेगा, लेकिन पुलिस की इस पहल ने उनकी उम्मीद फिर से जगा दी।
किया आभार व्यक्त
मोबाइल वापस मिलने के बाद नागरिकों ने मुंगेली पुलिस और एसएसपी भोजराम पटेल के प्रति आभार व्यक्त किया और इस अभियान को बेहद प्रभावी और भरोसा बढ़ाने वाला कदम बताया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने जनता को जागरूक करते हुए कहा कि यदि मोबाइल गुम हो जाए तो तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि मोबाइल के गलत उपयोग को रोका जा सके।
पुलिस के प्रति विश्वास
साथ ही उन्होंने यह भी सलाह दी कि सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदते समय हमेशा वैध बिल और दस्तावेज अवश्य लें। मुंगेली पुलिस का यह अभियान केवल मोबाइल फोन वापस दिलाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत किया है। यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि सही तकनीक और प्रभावी प्रयासों के जरिए खोई हुई वस्तुएं भी वापस पाई जा सकती हैं।

