Accident at Trikunda Reservoir: जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र स्थित नावाडीह गांव में दर्दनाक हादसा हो गया। त्रिकुंडा जलाशय बांध का लीकेज ठीक करने के लिए पानी में उतरे एक बुजुर्ग की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, बांध के एक हिस्से से पानी का रिसाव हो रहा था। इसे रोकने के लिए बुजुर्ग को पानी में उतारा गया था। काम के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।
पहले से खराब थी बुजुर्ग की तबीयत
परिजनों का कहना है कि बुजुर्ग की तबीयत पहले से ठीक नहीं थी। इसके बावजूद उन्हें बांध में लीकेज सुधारने के काम पर ले जाया गया। परिजनों ने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य खराब होने के बाद भी उनसे जोखिम भरा काम क्यों कराया गया।
सुरक्षा उपकरण नहीं देने का आरोप
मृतक के परिवार का आरोप है कि बुजुर्ग को पानी में उतारते समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। उन्हें लाइफ जैकेट, रस्सी या अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हुई है। परिजनों का कहना है कि सावधानी बरती जाती तो हादसा टल सकता था।
गांव पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी नावाडीह गांव पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारी त्रिकुंडा थाने पहुंचे, जहां घटना से संबंधित आवश्यक कार्रवाई और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की गई।
कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन
बुजुर्ग की मौत से नाराज परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने काम के दौरान सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर रही है। बुजुर्ग को किसके निर्देश पर बांध में उतारा गया था और मौके पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, इसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।