छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को अपनी पत्नी कौशल्या साय के साथ भिलाई पहुंचे। यहां उन्होंने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर कथा का श्रवण किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से व्यासपीठ का पूजन कर पंडित प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद लिया और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
व्यासपीठ का पूजन कर लिया आशीर्वाद
शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कौशल्या साय भी श्रद्धालुओं के बीच मौजूद रहे। सीएम ने व्यासपीठ का पूजन किया और धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से छत्तीसगढ़ के लोगों की खुशहाली और प्रदेश की प्रगति की प्रार्थना की। कथा स्थल पर पूरे समय भक्तिमय माहौल बना रहा।
CM साय बोले- छत्तीसगढ़ पर महादेव की विशेष कृपा
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पर देवाधिदेव भगवान महादेव की विशेष कृपा है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में विराजमान देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी यहां के लोगों को मिलता रहा है।
मुख्यमंत्री ने धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके साथ ही लोगों में आध्यात्मिक चेतना और आपसी सद्भाव को बढ़ावा मिलता है।
सात दिनों तक चला शिव महापुराण कथा का आयोजन
भिलाई में आयोजित शिव महापुराण कथा सात दिनों तक चली। पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा और शिव महापुराण से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का श्रवण कराया। समापन के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से आयोजन स्थल पर आस्था और भक्ति का माहौल दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और कथा में पहुंचे श्रद्धालुओं का भी अभिवादन किया।
साइबर जागरूकता पोस्टर का भी किया विमोचन
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साइबर जागरूकता से संबंधित पोस्टर का विमोचन भी किया। उन्होंने लोगों से बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने और साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया। शिव महापुराण कथा के समापन के साथ भिलाई में सात दिनों से चल रहे इस धार्मिक आयोजन का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ।