नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ने अब एक नया और सख्त मोड़ ले लिया है। अब तक पुलिस जहां मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई तक सीमित रहती थी, वहीं अब उनकी अवैध कमाई और उससे बनाई गई संपत्तियों पर भी सीधा आर्थिक प्रहार शुरू कर दिया गया है। जिले में पहली बार SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) और NDPS Act के तहत कार्रवाई करते हुए नशे के कारोबार से अर्जित 35.85 लाख रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज किया गया है। पुलिस का मानना है कि केवल गिरफ्तारी से अपराध पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया जा सकता, इसलिए अपराधियों की आर्थिक ताकत को खत्म करना भी उतना ही जरूरी है। इस कार्रवाई को धमतरी पुलिस की नशा विरोधी मुहिम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
वित्तीय जांच में बड़ा खुलासा
इस कार्रवाई से पहले नगर पुलिस अधीक्षक धमतरी और थाना प्रभारी सिटी कोतवाली के नेतृत्व में आरोपियों की विस्तृत वित्तीय जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा योजनाओं, वाहनों और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण किया। जांच में यह सामने आया कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन को विभिन्न निवेश योजनाओं और संपत्तियों में लगाया गया था। इसके बाद NDPS Act, 1985 की धारा 68F के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज किया गया और पूरा मामला सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPSA, मुंबई के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद प्राधिकरण ने माना कि संबंधित संपत्तियां मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित आय से जुड़ी हैं।
आरती रजक की संपत्ति फ्रीज
पहले मामले में आरोपी आरती रजक, पत्नी स्वर्गीय राम रजक, से संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य निवेश योजनाओं में अवैध कमाई का निवेश मिलने पर कुल 12,93,636.76 रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। इस कदम से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि अवैध कारोबार से अर्जित धन को किसी भी रूप में सुरक्षित नहीं रखा जा सकेगा।करण धुरी परिवार पर कार्रवाई
दूसरे मामले में आरोपी करण सिंह धुरी, उसकी पत्नी उषा बाई धुरी और पुत्री जाइका धुरी के नाम पर दर्ज बैंक खातों, वाहन और अचल संपत्तियों की जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे वित्तीय दस्तावेज मिले, जिनके आधार पर कुल 22,91,479.75 रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी गई। इसमें बैंक जमा राशि, वाहन और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से यह स्पष्ट हुआ कि इन संपत्तियों का संबंध मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित आय से है।
कुल 35.85 लाख की संपत्ति फ्रीज
दोनों मामलों को मिलाकर धमतरी पुलिस ने 35,85,116.51 रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज किया है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद यह माना गया कि संबंधित संपत्तियां नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। धमतरी जिले में इस तरह की यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसने नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की रणनीति को और अधिक प्रभावी बना दिया है।
पुलिस का सख्त संदेश
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी या जेल भेजने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। अपराध से अर्जित अवैध कमाई, बैंक खातों, निवेश योजनाओं और संपत्तियों को भी कानून के तहत जब्त या फ्रीज किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि अपराधियों की आर्थिक ताकत को कमजोर किए बिना नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है। इसलिए भविष्य में भी ऐसे मामलों में वित्तीय जांच को प्राथमिकता दी जाएगी।आम नागरिकों से सहयोग की अपील
धमतरी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी, परिवहन, भंडारण या अन्य किसी अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि समाज और पुलिस के संयुक्त प्रयास से ही नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। धमतरी पुलिस की यह मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस परिणाम हासिल किए जा सकें।