छत्तीसगढ़ के सरकारी महकमों में अब बिजली का इस्तेमाल मुफ्त की सुविधा नहीं रहेगा। 1 अगस्त से राज्य के सरकारी विभागों में बिजली खपत का पूरा ढाँचा बदलने जा रहा है। पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रदेश भर के लगभग डेढ़ लाख सरकारी बिजली कनेक्शनों को स्मार्ट प्रीपेड सिस्टम से जोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। इस नई व्यवस्था के तहत सभी विभागों को चालू महीने के अंत तक अपने तीन महीने के औसत बिल के बराबर अग्रिम (एडवांस) राशि जमा करनी अनिवार्य होगी। दरअसल, बिजली कंपनी यह सख्त कदम लंबे समय से लटके भारी-भरकम बकाये के चलते उठा रही है।
कंपनी पर वित्तीय बोझ बढ़ रहा
आंकड़ों के मुताबिक, मई तक सरकारी विभागों पर करीब 3,500 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया था, जो जून और जुलाई का हिसाब जोड़ने के बाद लगभग 4,000 करोड़ रुपये के पार पहुँचने का अनुमान है। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार की ताकीद के बावजूद भुगतान न होने से कंपनी पर वित्तीय बोझ लगातार बढ़ रहा था। नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही जुलाई तक के पुराने बकाये को अलग खाते में डाल दिया जाएगा।
बिना एडवांस बैलेंस के आपूर्ति संभव नहीं
राज्य सरकार इस पुरानी उधारी का निपटारा किस्तों में करेगी। खास बात यह है कि शुरुआत में सिर्फ ब्लॉक स्तर के 45 हजार कनेक्शनों को ही प्रीपेड से जोड़ने का प्लान था, लेकिन बकाये की भयावह स्थिति को देखते हुए दायरा बढ़ाकर सभी 1.5 लाख कनेक्शनों तक कर दिया गया है। 1 अगस्त के बाद बिना एडवांस बैलेंस के सरकारी दफ्तरों में बिजली आपूर्ति संभव नहीं होगी।
तीन दिनों का विशेष शिविर
व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए बिजली कंपनी ने हर विभाग का एक अलग ग्रुप बनाकर उसे विशेष कोड दिया है। साथ ही, समय पर भुगतान और बेहतर समन्वय के लिए नोडल अधिकारी भी तैनात किए गए हैं। जिला स्तर पर हर विभाग के औसतन मासिक खर्च का आंकलन कर एडवांस राशि तय की जा रही है। इसी सिलसिले में संचालनालय परिसर में तीन दिनों का विशेष शिविर भी आयोजित किया गया, जहाँ अधीक्षण अभियंता मनोज वर्मा, रोशन देवांगन, सीएल साहू और क्षिप्रा देवांगन ने विभिन्न विभागों के अफसरों से सीधा संपर्क कर प्रक्रिया पूरी कराई।
प्रीपेड मोड पर करने लगेंगे काम
"सभी सरकारी महकमों को उनके कोड आवंटित किए जा चुके हैं। निर्धारित समय सीमा के भीतर एडवांस राशि जमा होते ही 1 अगस्त से ये तमाम कनेक्शन प्रीपेड मोड पर काम करने लगेंगे।" — भीम सिंह कंवर, प्रबंध निदेशक (MD), CSPDCL