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बीज समिति की बैठक में दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना को मिली मंजूरी

जिला स्तरीय बीज समिति की बैठक में दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन, वितरण और भंडारण को बढ़ाने पर समीक्षा की गई। बैठक में आत्मनिर्भर दलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत अरहर, उड़द, मूंग और चना के बीज वितरण एवं उत्पादन लक्ष्यों को मंजूरी दी गई। किसानों को प्रमाणित बीज पर 50% या अधिकतम ₹6000 तक अनुदान देने का निर्णय लिया गया।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
30 Apr 2026, 01:56 PM
महासमुंद
उप संचालक कृषि एफ आर कश्यप की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बीज समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक संचालक उद्यानिकी, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड लभराखुर्द के प्रतिनिधि तथा प्रगतिशील कृषक श्री संजय पटेल एवं श्रीमती नरबाई बरिहा सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।
बैठक में केन्द्र प्रवर्तित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन एवं आत्मनिर्भर दलहन मिशन योजनाओं के अंतर्गत उन्नत बीज उत्पादन, वितरण एवं भंडारण संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए विभिन्न प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। समिति में वर्ष 2026-27 हेतु दलहनी बीज वितरण एवं मिनीकिट कार्यक्रम के तहत अरहर के 100 पैकेट, उड़द के 2000 पैकेट तथा मूंग के 2500 पैकेट वितरण का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही जिले में दलहन बीज उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से अरहर 50 क्विंटल, उड़द 550 क्विंटल एवं मूंग 400 क्विंटल बीज उत्पादन कार्यक्रम संचालित करने पर चर्चा की गई।

किसानों को प्रोत्साहित करने पर जोर

बैठक में बताया गया कि किसानों को आत्मनिर्भर दलहन मिशन अंतर्गत प्रमाणित बीज वितरण पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6 हजार रुपये तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। प्रस्तावित लक्ष्य के अनुसार उड़द 900 क्विंटल, मूंग 200 क्विंटल, चना 200 क्विंटल एवं अरहर 50 क्विंटल बीज वितरण कार्यक्रम का अनुमोदन लिया गया। समिति द्वारा खरीफ मौसम में उच्च भूमि क्षेत्रों में दलहन फसलों के अधिकाधिक उत्पादन हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। 
इसके अलावा अरहर एवं उड़द फसल प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत 160 हेक्टेयर क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले आधार एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया। बैठक में तिलहनी फसलों जैसे मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी एवं तिल के प्रदर्शन कार्यक्रमों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि 5 से 10 वर्ष के भीतर विकसित उन्नत किस्मों के बीजों को किसानों तक पहुंचाने हेतु कार्ययोजना तैयार की गई है।

निःशुल्क सुविधा

प्रगतिशील कृषकों संजय पटेल एवं नरबाई बरिहा ने किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में यह भी बताया गया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला कृषकों को बीज प्रमाणीकरण संस्था में पंजीयन हेतु निःशुल्क सुविधा प्रदान की जाएगी।

कार्ययोजना पर सहमति

छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा बीज उत्पादन उपार्जन दर की जानकारी देते हुए बताया गया कि उड़द के लिए 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल, मूंग के लिए 11 हजार 57 रुपये प्रति क्विंटल तथा मूंगफली के लिए 9 हजार 500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नियमानुसार तीन किश्तों में भुगतान किया जाएगा। बैठक में कृषि विभाग के माध्यम से इच्छुक किसानों से आवेदन प्राप्त कर उन्हें बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़ने एवं पंजीयन कराने पर बल दिया गया। समिति ने जिले में दलहन एवं तिलहन बीज उत्पादन बढ़ाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना पर सहमति व्यक्त की।
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