Tuesday, 25 Aug 2026 भारत
ब्रेकिंग
Raigarh Crime News: ठेकेदार के घर चोरी, 10 लाख कैश और महंगी स्कॉच ले गया चोर Bihar Student Protest: BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में बवाल, छात्र-पुलिस के बीच झड़प SBI Kiosk Fraud: 1.75 करोड़ की हेराफेरी, पासबुक में फर्जी एंट्री कर संचालक फरार Sterilization Failure: 2 साल पहले हुई नसबंदी फेल, महिला फिर हुई गर्भवती, परिजनों ने लगाया पुलिस की धमकी देने का आरोप Korba Hospital News: रानी धनराज कुंवर अस्पताल में मिला मानव भ्रूण, CCTV खंगाल रही पुलिस Raigarh Crime News: ठेकेदार के घर चोरी, 10 लाख कैश और महंगी स्कॉच ले गया चोर Bihar Student Protest: BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में बवाल, छात्र-पुलिस के बीच झड़प SBI Kiosk Fraud: 1.75 करोड़ की हेराफेरी, पासबुक में फर्जी एंट्री कर संचालक फरार Sterilization Failure: 2 साल पहले हुई नसबंदी फेल, महिला फिर हुई गर्भवती, परिजनों ने लगाया पुलिस की धमकी देने का आरोप Korba Hospital News: रानी धनराज कुंवर अस्पताल में मिला मानव भ्रूण, CCTV खंगाल रही पुलिस
W 𝕏 f
होम राष्ट्रीय वैश्विक तेल संकट : भारत की बढ़ी चिंता, 15 मई तक ख…
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका  ने भारत को तेल खरीदने की छूट दी
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका ने भारत को तेल खरीदने की छूट दी
राष्ट्रीय

वैश्विक तेल संकट : भारत की बढ़ी चिंता, 15 मई तक खरीदेगा तेल 

भारत ने अमेरिका से रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने की छूट बढ़ाने की मांग की है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच भारत ने कहा है कि ऊर्जा सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि रूसी तेल की सप्लाई प्रभावित हुई तो भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है, महंगाई बढ़ सकती है और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

कीर्तिमान नेटवर्क
15 May 2026, 11:17 AM
नई दिल्ली
 वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत ने अमेरिका से रूस से कच्चा तेल खरीदने पर दी गई छूट (Waiver) की अवधि बढ़ाने का आग्रह किया है। भारत का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अनिश्चितता लगातार बढ़ती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक नई दिल्ली ने वाशिंगटन को स्पष्ट संकेत दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और स्थिर तेल आपूर्ति फिलहाल सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौजूदा हालात में रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना भारत की आर्थिक जरूरत बन चुका है। रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अमेरिका से रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने की छूट की अवधि बढ़ाने का आग्रह किया है। भारत का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देश की ऊर्जा सुरक्षा और स्थिर तेल आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि रूस से मिलने वाला रियायती कच्चा तेल बंद होता है, तो भारत को दूसरे देशों से अधिक कीमत पर तेल खरीदना पड़ेगा, जिससे पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब, महंगाई और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

16 मई को खत्म हो रही है छूट की अवधि

अमेरिका ने रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद कुछ देशों को सीमित अवधि तक रूसी तेल खरीदने की छूट दी थी। पहले यह छूट मार्च 2026 तक थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 16 मई 2026 कर दिया गया। अब यह समय सीमा समाप्त होने जा रही है। ऐसे में भारत ने अमेरिका से आग्रह किया है कि वैश्विक हालात सामान्य होने तक इस छूट को और आगे बढ़ाया जाए।यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। अमेरिका का आरोप रहा है कि रूस तेल निर्यात से मिलने वाली आय का उपयोग यूक्रेन युद्ध को जारी रखने में कर रहा है। इसी वजह से पश्चिमी देशों ने रूस के ऊर्जा कारोबार को सीमित करने की कोशिश की। हालांकि भारत ने हमेशा यह स्पष्ट किया कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के आधार पर निर्णय लेगा।

भारत के लिए क्यों जरूरी है रूसी तेल

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। देश अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले भारत रूस से बहुत कम मात्रा में तेल खरीदता था, लेकिन युद्ध के बाद रूस ने भारी छूट पर कच्चा तेल बेचना शुरू किया। इसका फायदा भारत ने उठाया और रूस भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया। विशेषज्ञों के मुताबिक रूस से मिलने वाला तेल वैश्विक बाजार दर से कई डॉलर प्रति बैरल सस्ता पड़ता है। इससे भारत को आयात बिल नियंत्रित रखने, महंगाई कम करने और घरेलू ईंधन कीमतों को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली है। यदि यह आपूर्ति अचानक रुकती है, तो भारत को महंगे दाम पर वैकल्पिक स्रोतों से तेल खरीदना पड़ सकता है।

 पश्चिम एशिया संकट ने बढ़ाई चिंता

पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर बना दिया है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच टकराव की स्थिति लगातार बनी हुई है। फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री मार्गों में तनाव के कारण तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी क्षेत्र से गुजरता है। यदि संघर्ष और बढ़ता है या समुद्री मार्ग बाधित होते हैं, तो वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। भारत ने इसी खतरे का हवाला देते हुए अमेरिका से कहा है कि मौजूदा हालात में रूसी तेल पर प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करना वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।

तेल बाजार में बढ़ सकती है अस्थिरता

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध कड़े किए गए, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई का दबाव और बढ़ सकता है। ओपेक देशों द्वारा उत्पादन नियंत्रण और पश्चिम एशिया संकट पहले ही बाजार को संवेदनशील बना चुके हैं। ऐसे में भारत जैसे बड़े आयातक देशों के सामने ईंधन लागत बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है। भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार नई दिल्ली ने अमेरिका को यह संदेश दिया है कि ऊर्जा बाजार में लंबे समय तक अस्थिरता रहने के “व्यापक वैश्विक परिणाम” हो सकते हैं। इसका असर सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ेगा।

अमेरिका और भारत के रिश्तों पर भी नजर

यह मामला सिर्फ ऊर्जा व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है। अमेरिका भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अहम साझेदार मानता है, जबकि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने की नीति पर कायम है। भारत पहले भी कई बार कह चुका है कि वह किसी एक देश के दबाव में अपनी ऊर्जा नीति तय नहीं करेगा। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर समेत कई भारतीय नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि भारत अपने नागरिकों के हित और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देगा।

घरेलू बाजार पर क्या पड़ेगा असर

यदि अमेरिका छूट की अवधि बढ़ा देता है, तो भारत को फिलहाल राहत मिल सकती है। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव कम रहेगा और आयात बिल भी नियंत्रित रह सकता है। लेकिन अगर छूट समाप्त हो जाती है और भारत को रूस से तेल खरीदने में कठिनाई आती है, तो आने वाले महीनों में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत बहुस्तरीय ऊर्जा रणनीति पर काम कर रहा है। इसमें रूस के अलावा पश्चिम एशिया, अमेरिका, अफ्रीका और लैटिन अमेरिकी देशों से भी तेल आयात बढ़ाने की योजना शामिल है।

 वैश्विक राजनीति के बीच ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा

रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा के बीच दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था लगातार दबाव में है। ऐसे माहौल में भारत जैसे बड़े विकासशील देशों के लिए सस्ती और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। यही वजह है कि भारत अब खुलकर अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की नीति पर आगे बढ़ रहा है। 

भारत में इसका प्रभाव 

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूस भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया है। रूस से सस्ते दाम पर तेल मिलने से भारत को आयात बिल नियंत्रित रखने, महंगाई कम करने और घरेलू ईंधन कीमतों को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली है। लेकिन पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को अस्थिर बना दिया है। फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में तनाव के कारण तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
 यदि वैश्विक तनाव लंबे समय तक जारी रहा और रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध कड़े हुए, तो भारत में महंगाई बढ़ सकती है, रुपये पर दबाव बढ़ सकता है और व्यापार घाटा भी बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट, उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लागत बढ़ने से आर्थिक विकास दर पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि भारत अमेरिका से लगातार यह मांग कर रहा है कि वैश्विक हालात सामान्य होने तक रूस से तेल खरीदने पर दी गई छूट को आगे बढ़ाया जाए, ताकि देश की ऊर्जा जरूरतों और आर्थिक स्थिरता को बनाए रखा जा सके।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें