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सिल्क समग्र 2 योजना
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सिल्क समग्र 2 योजना से रेशम उत्पादन को बढ़ावा, 21 किसानों को मिला लाभ

महासमुंद जिले में केंद्र प्रायोजित सिल्क समग्र 2 योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। योजना के तहत अब तक 21 किसानों का चयन कर शहतूत पौधरोपण कराया गया है। यह योजना 5 एकड़ से कम भूमि वाले छोटे एवं सीमांत किसानों को रेशम उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आय का अवसर देती है, जिसमें प्रति वर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये तक की शुद्ध आय संभव है। किसानों को पौधरोपण, सिंचाई, कृमि पालन गृह निर्माण और उपकरणों के लिए कुल 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी शामिल है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
01 May 2026, 11:00 AM
महासमुंद
जिले में केंद्र प्रायोजित सिल्क समग्र 2 योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार किया है। रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने एवं आय के नए अवसर सृजन करने के उद्देश्य से लागू इस योजना के तहत महासमुन्द जिले में अब तक 21 किसानों का चयन कर शहतूत पौधरोपण का कार्य सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जो कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने एवं नए रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण है।  

पात्रता एवं आय की संभावनाएं

सिल्क समग्र 2 योजना मुख्यरूप से उन लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए है जिनके पास 5 एकड़ से कम कृषि भूमि है। ऐसे किसान अपनी एक एकड़ भूमि में शहतूत की खेती कर कृमिपालन के माध्यम से रेशम उत्पादन कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। किसान वर्षभर में 5-6 बार कृमि पालन कार्य कर सकते हैं और प्रत्येक कृमि पालन से 30 से 40 हजार की आय संभव है। इस प्रकार खर्च कटौती के बाद प्रतिवर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख रुपए तक की शुद्ध आय प्राप्त की जा सकती है।

आर्थिक सहायता एवं अनुदान संरचना

योजना के तहत चयनित किसानों को चरणबद्ध तरीके से विभिन्न मदों में आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। पौधरोपण और सिंचाई के लिए 60-60 हजार रुपए, कृमि पालन गृह निर्माण हेतु 3 लाख 25 हजार रुपए तथा कीट पालन उपकरण एवं सामग्री के लिए 55 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। इस प्रकार कुल मिलाकर प्रत्येक किसान को 5 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है, जिसमें 80 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार का और 20 प्रतिशत राज्य सरकार का है।

निरीक्षण एवं मूल्यांकन दौरा

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा निरीक्षण एवं मूल्यांकन के लिए 28 अप्रैल 2026 को केंद्रीय रेशम बोर्ड एवं रेशम संचालनालय रायपुर की संयुक्त टीम द्वारा महासमुंद जिले का दौरा किया गया। टीम में केंद्रीय रेशम बोर्ड के उप सचिव श्री सब्यसाची खान, साइंटिस्ट डी श्री विनोद सिंह एवं रेशम संचालनालय रायपुर के सहायक संचालक श्री भजनलाल उइके शामिल थे। साथ में महासमुंद जिले के प्रभारी जिला रेशम अधिकारी एवं उपसंचालक रेशम रायपुर श्री ठाकुरराम उइके उपस्थित थे।

स्थल निरीक्षण एवं किसानों से संवाद

अधिकारियों ने चयनित स्थलों पर शहतूत पौधरोपण एवं कृमि पालन गतिविधियों का अवलोकन करते हुए कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति एवं तकनीकी अनुपालन का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही लाभार्थी किसानों से संवाद कर उनके अनुभव, आय में हुए बदलाव तथा सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी ली और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। इस अवसर पर जिले के रेशम विभाग के कर्मचारी गोपाल बंजारा, किंकर दास, धर्मलय सिदार, ललित नाग एवं योगेन्द्र सोनी उपस्थित रहे।
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