सूदखोरी का जाल: कोरे चेक से 1 लाख की ठगी, महिला पर केस दर्ज
दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में सूदखोरी और चेक के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया कि 20 हजार रुपए के कर्ज पर उससे भारी ब्याज वसूला गया और कुल 43 हजार रुपए चुकाने के बाद भी कर्ज खत्म नहीं किया गया। आरोपी ने कथित रूप से दिए गए कोरे चेक में 1 लाख रुपए भरकर उसे बाउंस कराया और कोर्ट नोटिस भेजा। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जबरन वसूली और सूदखोरी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र से सूदखोरी और चेक के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने गंडई निवासी शोभा केशकर उर्फ निशा (47) के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह मामला मुसलमान पारा निवासी शहनाज बेगम (44) की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जिन्होंने आरोपी पर आर्थिक शोषण, धोखाधड़ी और दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत के अनुसार, नवंबर 2023 में शहनाज बेगम ने निजी जरूरतों के चलते शोभा केशकर से 20 हजार रुपए उधार लिए थे। यह रकम 10 प्रतिशत मासिक ब्याज की शर्त पर दी गई थी, जो कि बेहद ऊंची दर मानी जाती है। लेन-देन के दौरान सुरक्षा के रूप में शहनाज से बैंक ऑफ बड़ौदा का एक कोरा चेक भी लिया गया था।
लगातार ब्याज चुकाने के बावजूद कर्ज बरकरार
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने करीब 9 महीनों तक हर माह 2000 रुपए ब्याज के रूप में चुकाए। इस तरह वे लगभग 18 हजार रुपए सिर्फ ब्याज के तौर पर दे चुकी थीं, जो मूल रकम के करीब पहुंचता है। इसके बावजूद उनका कर्ज खत्म नहीं किया गया। कुछ समय बाद आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण जब वे ब्याज नहीं चुका पाईं, तो आरोपी द्वारा लगातार दबाव और धमकियां दी जाने लगीं।
समझौते के बाद भी नहीं मिली राहत
जनवरी 2025 में शहनाज के भाई सादिक रजा ने बीच-बचाव किया। दोनों पक्षों के बीच 25 हजार रुपए में पूरा लेन-देन समाप्त करने की सहमति बनी। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने कुल मिलाकर लगभग 43 हजार रुपए चुका दिए थे, जिसमें ब्याज और समझौते की राशि शामिल थी। इसके बावजूद आरोपी ने न तो कोरा चेक वापस किया और न ही कर्ज खत्म होने की बात स्वीकार की।
कोरे चेक का कथित दुरुपयोग
शहनाज बेगम का आरोप है कि शोभा केशकर ने उनके दिए गए कोरे चेक में खुद से 1 लाख रुपए की राशि भर दी और उसे बैंक में प्रस्तुत कर दिया। चेक बाउंस होने के बाद उनके खिलाफ कोर्ट के माध्यम से नोटिस भेजा गया, जिससे उन पर अतिरिक्त मानसिक और आर्थिक दबाव बना।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर धमधा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में मामला अवैध सूदखोरी, जबरन वसूली और धोखाधड़ी से जुड़ा पाया गया है।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 384 (जबरन वसूली) और छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम, 1937 की धारा 4 के तहत केस दर्ज किया है।
अन्य पीड़ितों की भी तलाश
पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि आरोपी इसी तरह अन्य लोगों को भी ऊंचे ब्याज पर पैसा देकर शोषण कर रही हो सकती है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में ऐसे संभावित पीड़ितों की जानकारी भी जुटा रही है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।