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जब्त समान के साथ आरोपी
जब्त समान के साथ आरोपी
दुर्ग संभाग

हाई-टेक ड्रग्स एंट्री: भिलाई से हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, दो गिरफ्तार 

भिलाई नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो युवकों—विक्रम साहू और यश विश्वकर्मा—को अवैध गांजा बेचते हुए गिरफ्तार किया। उनके पास से 2 किलो सामान्य गांजा, 2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा, ₹40,000 नकद और नशा करने का सामान बरामद हुआ।

कीर्तिमान ब्यूरो
प्रकाशित: 05 Apr 2026, 11:14 AM · अपडेट: 28 Oct 2026, 08:41 PM
भिलाई
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
दुर्ग जिले में पुलिस ने 2 युवकों को गांजा और हाइड्रोपोनिक गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में पहली बार इस तरह का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया है। दोनों युवक हाई-टेक तरीके से उगाए गए हाइड्रोपोनिक गांजा बेच रहे थे। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि रुआबांधा क्षेत्र में बीज विकास निगम के पास कुछ लड़के नशीले पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। ये लोग न सिर्फ गांजा बेच रहे थे, बल्कि नशा करने के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान जैसे चिलम और रोलिंग पेपर भी ग्राहकों को दे रहे थे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की पहचान विक्रम साहू (29) निवासी तालपुरी और यश विश्वकर्मा (27) निवासी हुडको के रूप में हुई है। जब पुलिस ने इनकी तलाशी ली, तो उनके पास से सामान्य गांजे के अलावा छोटे पैकेट में रखा हाइड्रोपोनिक गांजा मिला।
पुलिस ने जब्त किए सामान 
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 किलो सामान्य गांजा, जिसकी कीमत करीब 1 लाख रुपए और 2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है। इसके अलावा पुलिस को 40 हजार कैश, एक महंगा मोबाइल फोन, चिलम, लाइटर और सिगरेट के साथ गोगो पेपर (रोलिंग पेपर) भी मिला है। जब्त किए गए पूरे सामान की कुल कीमत लगभग 1 लाख 75 हजार रुपए आंकी गई है।
भेजे गए जेल 
पूछताछ में सामने आया कि, आरोपी ज्यादा पैसा कमाने के लालच में इस अवैध कारोबार से जुड़े थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि भिलाई में यह हाइड्रोपोनिक गांजा कहां से आ रहा था और इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
नेटवर्क खंगालने मे जुटी पुलिस 
छत्तीसगढ़ में हाइड्रोपोनिक गांजे की यह पहली बरामदगी पुलिस के लिए भी चौंकाने वाली है, क्योंकि आमतौर पर इस तरह का नशा बड़े महानगरों और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में देखा जाता है। दुर्ग पुलिस अब इनके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
आम गंजे से ज्यादा नशा 
यह गांजा मिट्टी के बिना सिर्फ पानी और खास पोषक तत्वों की मदद से लैब या बंद कमरों में उगाया जाता है। यह आम गांजे के मुकाबले कई गुना ज्यादा नशीला और महंगा होता है। हाइड्रोपोनिक्स में जड़ों को सीधे खनिज युक्त पानी में रखा जाता है।
कैसे तैयार करते है गांजा 
इसमें मिट्टी की जगह कोको कॉयर, रॉकवूल या पेर्लाइट जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है, जो केवल जड़ों को सहारा देते हैं, पोषण नहीं। इसे उगाने के लिए एक इंडोर सेटअप की आवश्यकता होती है। इसके लिए एक बड़ा टैंक जिसमें पानी और पोषक तत्व भरे होते हैं। मिट्टी की कमी और बंद कमरे में होने के कारण शक्तिशाली LED या HPS लाइट का इस्तेमाल किया जाता है, जो सूर्य के प्रकाश की कमी को पूरा करती हैं। पानी में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे रसायनों का सटीक मिश्रण मिलाया जाता है।
उगाने मे आता है बहुत खर्च  
पानी में एयर पंप के जरिए ऑक्सीजन दी जाती है ताकि जड़ें सड़ें नहीं। मिट्टी न होने से कीड़े और बीमारियों का खतरा कम रहता है। बिजली का भारी बिल, महंगे उपकरण और विशेष पोषक तत्वों के कारण इसे उगाने का खर्च बहुत ज्यादा आता है।

हाइड्रोपोनिक गांजा क्या होता है?

  • यह सामान्य गांजे से काफी अलग और ज्यादा “एडवांस” होता है:
  • मिट्टी की जगह पानी + केमिकल पोषक तत्वों में उगाया जाता है
  • पूरी तरह इंडोर (कमरे/लैब) में उगाया जाता है
  • तेज रोशनी के लिए LED या HPS लाइट्स का इस्तेमाल
  • जड़ों को ऑक्सीजन देने के लिए एयर पंप
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