Saturday, 19 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस
W 𝕏 f
होम राज्य सरकार आय का नया जरिया : छत्तीसगढ़ में मखाना खेती को मिल…
मखाना खेती प्रशिक्षण में शामिल किसान
मखाना खेती प्रशिक्षण में शामिल किसान
राज्य सरकार

आय का नया जरिया : छत्तीसगढ़ में मखाना खेती को मिलेगा बढ़ावा, 80 किसानों ने लिया प्रशिक्षण

महासमुंद और पिथौरा के 80 किसानों ने आरंग के लिंगाडीह में आयोजित प्रशिक्षण में मखाना की वैज्ञानिक खेती, बीज उत्पादन और प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने बताया कि मखाना कम जोखिम और अधिक लाभ वाली फसल है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 03 Jul 2026, 11:11 AM · अपडेट: 11 Sep 2026, 06:04 AM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
धान के कटोरे के रूप में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ में अब सुपर फूड मखाना किसानों के लिए आय का नया और लाभकारी विकल्प बनकर उभर रहा है। इसी उद्देश्य से उद्यानिकी विभाग महासमुंद द्वारा विकासखंड आरंग के ग्राम लिंगाडीह में 1 जुलाई 2026 को मखाना खेती पर भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसमें महासमुंद एवं पिथौरा विकासखंड के 80 प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर मखाना की वैज्ञानिक खेती, बीज उत्पादन एवं प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में मखाना की व्यावसायिक खेती की शुरुआत विकासखंड आरंग के ग्राम लिंगाडीह के प्रगतिशील किसान स्वर्गीय कृष्ण कुमार चंद्राकर ने की थी।

मखाना खेती की शुरुआत और प्रसंस्करण केंद्र की जानकारी

उन्होंने बताया कि राज्य का पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र 5 दिसंबर 2021 को लिंगाडीह में स्थापित किया गया, जिससे किसानों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हुए हैं। कार्यक्रम में आरंग जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष रवीन्द्र (रिंकू) चंद्राकर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गजेन्द्र चंद्राकर तथा कृषि विशेषज्ञ रविकांत साहू भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मखाना बीज उत्पादन केंद्र का भ्रमण किया। 
किसानों ने मखाना खेती अपनाने का लिया संकल्प
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गजेन्द्र चंद्राकर ने बताया कि मखाना छह माह की अवधि वाली जलीय फसल है, जिसमें प्रति एकड़ लगभग 20 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है तथा औसतन 8 से 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस फसल में कीट एवं रोगों का प्रकोप बेहद कम होता है और चोरी की संभावना भी नगण्य रहती है। उन्होंने प्रसंस्करण की जानकारी देते हुए बताया कि एक किलोग्राम मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 700 से 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिलती है।

किसानों ने मखाना खेती अपनाने का लिया संकल्प

यदि किसान स्वयं प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग कर विपणन करें तो प्रति एकड़ अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने मखाना खेती को भविष्य की लाभकारी फसल बताते हुए इसे अपनाने में उत्साह दिखाया। उद्यानिकी विभाग महासमुंद की सहायक संचालक पायल साव के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित उद्यानिकी अधिकारियों एवं किसानों ने मखाना की खेती को अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में रविकांत साहू ने जैविक खेती के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. अकानंद ढीमर, डॉ. योगेन्द्र चंदेल, प्रबंधक संजय नामदेव तथा शिव साहू सहित अन्य अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें