रायगढ़ शहर में मोबाइल और नकदी लूट की वारदात का पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए मात्र 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस ने लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
अखोराखुर्द, थाना राजपुर (जिला बलरामपुर) निवासी राजेश प्रसाद (34) ने 16 जून को कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि वह अंबिकापुर निवासी शिव गोयल की चार पहिया वाहन चलाते हैं और निजी कार्य से रायगढ़ आए थे। कार्य समाप्त करने के बाद वे रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक होटल में भोजन कर बड़पारा शराब भट्टी क्षेत्र की ओर गए थे।
इसी दौरान बाथरूम करने के समय तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया और पैसों की मांग की। विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान एक आरोपी ने पत्थर से उनके सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने उनकी जेब से 100 रुपये नकद और रेडमी 5G मोबाइल फोन लूट लिया और मौके से फरार हो गए।
पुलिस जांच और सीसीटीवी से खुलासा
घटना की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय गवाहों से पूछताछ की। तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान की गई। जांच में नवीन सोनवानी, चंद्रशेखर राठिया और रोशन वैष्णव की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां पीड़ित ने पहचान परेड के दौरान उनकी पहचान की पुष्टि की। पूछताछ में मिले मेमोरेंडम कथन के आधार पर नवीन सोनवानी के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन बरामद किया गया।न्यायिक कार्रवाई और जेल भेजा गया
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को 18 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में नवीन सोनवानी (20 वर्ष), निवासी बाबाधाम कॉलोनी जूटमिल; चंद्रशेखर राठिया (32 वर्ष), निवासी पंजरी प्लाट चक्रधरनगर; तथा रोशन वैष्णव (28 वर्ष), निवासी जेलपारा जूटमिल रायगढ़ शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में लूट, मारपीट और असामाजिक गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।