खरीफ सीजन के लिए चल रहे एग्री स्टैक किसान पंजीयन में आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर जिला पंचायत सदस्य एवं किसान प्रतिनिधि वतन चन्द्राकर ने प्रशासन से पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने गुरुवार को कलेक्टर रायपुर के नाम अपर कलेक्टर कीर्तिमान राठौर को ज्ञापन सौंपकर संयुक्त खातेदार किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी।
31 जुलाई तक पंजीयन पूरा करने में आ रही परेशानी
ज्ञापन में बताया गया है कि एग्री स्टैक किसान पंजीयन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है, लेकिन बड़ी संख्या में संयुक्त खातेदार किसान तकनीकी और प्रक्रियागत परेशानियों के कारण समय पर अपना पंजीयन पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसानों में चिंता बढ़ रही है। वतन चन्द्राकर ने बताया कि राजस्व अधिकारियों से चर्चा के दौरान जानकारी मिली कि वर्तमान में संयुक्त खातेदार किसानों में लगभग 35 प्रतिशत किसानों का ही एग्री स्टैक पंजीयन हो सका है, जबकि करीब 65 प्रतिशत किसान अभी भी पंजीयन प्रक्रिया से बाहर हैं।
बी-1 रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने से बढ़ी समस्या
उन्होंने बताया कि कई संयुक्त खातेदार किसानों की ऋण पुस्तिका (बी-1) में नाम क्रमांक के स्थान पर केवल डेस के रूप में दर्ज है। इस तकनीकी समस्या के कारण किसानों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त नहीं हो पा रहा है, जिससे ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है। इसके चलते किसान सहकारी समितियों और चॉइस सेंटरों के लगातार चक्कर लगाने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि बार-बार प्रयास करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
धान खरीदी और योजनाओं के लाभ पर असर की आशंका
ज्ञापन में आशंका जताई गई है कि यदि निर्धारित समय तक सभी पात्र किसानों का एग्री स्टैक पंजीयन नहीं हो पाया, तो कई किसान आगामी धान खरीदी प्रक्रिया में अपनी उपज बेचने से वंचित हो सकते हैं। इसके अलावा उन्हें शासन की कृषि से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने में भी परेशानी आ सकती है।
एक माह बढ़ाने और विशेष शिविर लगाने की मांग
जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर ने प्रशासन से मांग की है कि संयुक्त खातेदार किसानों के लिए एग्री स्टैक पंजीयन की अंतिम तिथि कम से कम एक माह तक बढ़ाई जाए। साथ ही पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने और राजस्व व कृषि विभाग के माध्यम से विशेष शिविर आयोजित कर शेष किसानों का पंजीयन पूरा कराने की मांग की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं को देखते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा, ताकि कोई भी पात्र किसान धान बिक्री और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न हो।