आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर दुनिया भर में यह चिंता जताई जा रही थी कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि AI इंसानों की जगह लेकर रोजगार के अवसरों को कम कर सकता है। हालांकि, वर्ल्ड बैंक की एक नई रिपोर्ट ने इस चिंता को कुछ हद तक कम किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत जैसे विकासशील देशों में AI का असर विकसित देशों की तुलना में काफी कम रहने वाला है।
AI और रोजगार पर जारी वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि विकसित देशों में करीब 14.2 प्रतिशत नौकरियां AI के कारण प्रभावित होने का खतरा है। वहीं, कम और मध्यम आय वाले देशों में यह आंकड़ा सिर्फ 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन देशों की अर्थव्यवस्था खेती, छोटे उद्योगों और पारंपरिक क्षेत्रों पर ज्यादा निर्भर है, वहां AI से नौकरियों पर सीधा असर कम देखने को मिलेगा। दूसरी ओर, जिन क्षेत्रों में पहले से ऐसी तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, जहां काम को आसानी से ऑटोमेट किया जा सकता है, वहां इसका प्रभाव ज्यादा हो सकता है।
AI नौकरी छीनने से ज्यादा काम आसान करेगा
वर्ल्ड बैंक का कहना है कि AI को केवल नौकरी खत्म करने वाली तकनीक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आने वाले समय में यह लोगों के लिए एक सहायक उपकरण की तरह काम कर सकता है। AI की मदद से कर्मचारी अपने काम को ज्यादा तेजी और बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि AI का इस्तेमाल पहले से ही लोगों, कंपनियों और सरकारों की मदद के लिए किया जा रहा है। यह जानकारी का विश्लेषण करने, समस्याओं का समाधान खोजने, भविष्य के अनुमान लगाने और बड़े स्तर पर सेवाएं पहुंचाने में उपयोगी साबित हो रहा है।विकासशील देशों को भी मिलेगा AI का फायदा
वर्ल्ड बैंक के अनुमान के मुताबिक, विकासशील देशों में करीब 16.2 प्रतिशत नौकरियों की उत्पादकता AI के इस्तेमाल से बढ़ सकती है। वहीं, उच्च आय वाले देशों में यह आंकड़ा लगभग 18.7 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि AI का फायदा सिर्फ विकसित देशों तक सीमित नहीं रहेगा। सही रणनीति और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से AI का इस्तेमाल करने वाले विकासशील देश भी इसका बड़ा लाभ उठा सकते हैं। भारत जैसे देश में AI का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में बदलाव ला सकता है। किसानों को मौसम की जानकारी और फसल से जुड़े बेहतर फैसले लेने में मदद मिल सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में AI बीमारी की पहचान और इलाज की प्रक्रिया को आसान बना सकता है। वहीं, शिक्षा और सरकारी सेवाओं में भी इसका उपयोग बढ़ाया जा सकता है।