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AI और जॉब्स रिपोर्ट
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नौकरियां नहीं, काम करने का तरीका बदलेगा AI वर्ल्ड बैंक की नई रिपोर्ट

वर्ल्ड बैंक की नई रिपोर्ट के अनुसार, AI से नौकरियों पर उतना बड़ा खतरा नहीं है जितना पहले माना जा रहा था। विकसित देशों की तुलना में भारत जैसे विकासशील देशों में AI का असर कम रहने की संभावना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि AI रोजगार खत्म करने के बजाय काम की उत्पादकता बढ़ाने और खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा व सरकारी सेवाओं में सुधार का माध्यम बन सकता है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
08 Aug 2026, 11:45 AM
नई दिल्ली
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर दुनिया भर में यह चिंता जताई जा रही थी कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि AI इंसानों की जगह लेकर रोजगार के अवसरों को कम कर सकता है। हालांकि, वर्ल्ड बैंक की एक नई रिपोर्ट ने इस चिंता को कुछ हद तक कम किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत जैसे विकासशील देशों में AI का असर विकसित देशों की तुलना में काफी कम रहने वाला है।
AI और रोजगार पर जारी वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि विकसित देशों में करीब 14.2 प्रतिशत नौकरियां AI के कारण प्रभावित होने का खतरा है। वहीं, कम और मध्यम आय वाले देशों में यह आंकड़ा सिर्फ 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन देशों की अर्थव्यवस्था खेती, छोटे उद्योगों और पारंपरिक क्षेत्रों पर ज्यादा निर्भर है, वहां AI से नौकरियों पर सीधा असर कम देखने को मिलेगा। दूसरी ओर, जिन क्षेत्रों में पहले से ऐसी तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, जहां काम को आसानी से ऑटोमेट किया जा सकता है, वहां इसका प्रभाव ज्यादा हो सकता है।

AI नौकरी छीनने से ज्यादा काम आसान करेगा

वर्ल्ड बैंक का कहना है कि AI को केवल नौकरी खत्म करने वाली तकनीक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आने वाले समय में यह लोगों के लिए एक सहायक उपकरण की तरह काम कर सकता है। AI की मदद से कर्मचारी अपने काम को ज्यादा तेजी और बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि AI का इस्तेमाल पहले से ही लोगों, कंपनियों और सरकारों की मदद के लिए किया जा रहा है। यह जानकारी का विश्लेषण करने, समस्याओं का समाधान खोजने, भविष्य के अनुमान लगाने और बड़े स्तर पर सेवाएं पहुंचाने में उपयोगी साबित हो रहा है।

विकासशील देशों को भी मिलेगा AI का फायदा

वर्ल्ड बैंक के अनुमान के मुताबिक, विकासशील देशों में करीब 16.2 प्रतिशत नौकरियों की उत्पादकता AI के इस्तेमाल से बढ़ सकती है। वहीं, उच्च आय वाले देशों में यह आंकड़ा लगभग 18.7 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि AI का फायदा सिर्फ विकसित देशों तक सीमित नहीं रहेगा। सही रणनीति और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से AI का इस्तेमाल करने वाले विकासशील देश भी इसका बड़ा लाभ उठा सकते हैं। भारत जैसे देश में AI का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में बदलाव ला सकता है। किसानों को मौसम की जानकारी और फसल से जुड़े बेहतर फैसले लेने में मदद मिल सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में AI बीमारी की पहचान और इलाज की प्रक्रिया को आसान बना सकता है। वहीं, शिक्षा और सरकारी सेवाओं में भी इसका उपयोग बढ़ाया जा सकता है।

भारत में AI से खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य को फायदा

रिपोर्ट में भारत के सर्वम AI मॉडल का भी जिक्र किया गया है, जो मौसम से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में किसानों की सहायता कर रहा है। वर्ल्ड बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री इंदरमीत गिल के मुताबिक, विकासशील देशों को AI का लाभ लेने के लिए बड़े डेटा सेंटर या महंगे AI मॉडल की जरूरत नहीं है। भारत जैसे देश छोटे, किफायती और स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए AI टूल्स के जरिए खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार ला सकते हैं। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि AI आने वाले समय में रोजगार के स्वरूप को बदल सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म हो जाएंगी। सही प्रशिक्षण और तकनीक के इस्तेमाल से AI रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकता है।
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