छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से सटे महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की मुस्तैदी से मवेशी तस्करी का एक मामला सामने आया है। वन उपज जांच नाका झगरेनडीह के पास देर रात गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने एक पिकअप वाहन को रोककर चार भैंसों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। इन जानवरों को बेहद क्रूरता से पिकअप के अंदर हुक और प्लास्टिक की रस्सियों से बांधकर कत्लखाने ले जाया जा रहा था। घटना 7 अगस्त की मध्यरात्रि (लगभग 12:45 बजे) की है।
गाड़ी के अंदर का नजारा हैरान करने वाला
बम्हनी वन सर्कल में पदस्थ डिप्टी रेंजर बिरेन्द्र कुमार पाठक (48 वर्ष) अपनी टीम के साथ वन उपज जांच नाका झगरेनडीह के पास नाइट गश्त और वाहनों की रूटीन चेकिंग पर तैनात थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की पिकअप गाड़ी (क्रमांक CG 04 QS 7448) वहां पहुंची। संदेह होने पर जब वनकर्मियों ने वाहन को रोककर उसके पिछले हिस्से (डाला) की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा हैरान करने वाला था।
बेदर्दी से ठूंस-ठूंसकर भरे गए मवेशी
पिकअप के अंदर विशेष रूप से हुक लगाए गए थे, जिनमें पीले रंग की प्लास्टिक रस्सियों से 4 भैंसों के चारों पैरों को बेहद बेदर्दी से बांधकर ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। पुलिस पूछताछ में वाहन चालक ने अपना नाम सेतू यादव (28 वर्ष), निवासी ग्राम महत्तमतोरा, थाना खरियाररोड (जिला नुआपाड़ा, ओडिशा) बताया। चालक ने कबूल किया कि वह इन मवेशियों को छत्तीसगढ़ के सलिहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भोगडीह से लादकर ओडिशा के चेरगांझांझ स्थित कत्लखाने ले जा रहा था।आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
डिप्टी रेंजर की लिखित शिकायत के आधार पर सांकरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने वाहन और मवेशियों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और विवेचना शुरू कर दी है।