बिलासपुर के सरकंडा थाना में पदस्थ पुलिस जवान सत्य कुमार पाटले की श्रीराम अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पथरी की शिकायत होने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उपचार के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी जान गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ था और परिजनों ने न्याय की मांग की थी।
अब इस मामले में मृतक के पिता छतराम पाटले ने बिलासपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि सत्य कुमार परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और उसकी मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। उन्होंने प्रशासन से एक करोड़ रुपए मुआवजा देने, अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है।
चेतावनी देते हुए आंदोलन की बात कही
स्वास्थ्य विभाग ने बनाई जांच कमेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम का गठन कर दिया है। जांच कमेटी यह पता लगाएगी कि इलाज के दौरान कहीं किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही तो नहीं हुई। टीम इलाज की पूरी प्रक्रिया, डॉक्टरों की भूमिका, मेडिकल रिपोर्ट और लाइन ऑफ ट्रीटमेंट की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सत्य कुमार पाटले की मौत के बाद पुलिस विभाग भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। जवान की असामयिक मौत से विभाग में शोक का माहौल है। वहीं प्रशासन यह कोशिश कर रहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
