Ankit Baliyan Murder Case: 6 महीने से लापता था मोहित, एनकाउंटर में हुई मौत
Ankit Baliyan Murder Case: हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मोहित और सुमित की मौत हो गई। दोनों सोनीपत के रहने वाले बताए गए हैं। मोहित करीब छह महीने से घर से लापता था। उसकी मौत की खबर मिलते ही मां बेसुध हो गई और परिवार में मातम छा गया। परिवार के मुताबिक, मोहित 9वीं के बाद अपराध की दुनिया में आया था और पहले जेल भी जा चुका था।
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कीर्तिमान डेस्क | सती दीवान
31 Aug 2026, 03:47 PM
सोनीपत
Ankit Baliyan Murder Case: हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दोनों शार्प शूटर सोनीपत के रहने वाले बताए गए हैं। मृतकों की पहचान मोहित और सुमित के रूप में हुई है। इनमें मोहित के गोगी गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई है। वह सोनीपत के बेयापुर खुर्द का रहने वाला था और परिवार के मुताबिक करीब छह महीने से लापता था। मोहित की मौत की खबर जैसे ही उसके परिवार तक पहुंची, उसकी मां बेसुध हो गई। घर में चीख-पुकार मच गई। बहन और छोटे भाई का भी रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्य पिछले कुछ समय से अपने मामा के यहां रह रहे हैं।
पुलिस ने घेरा तो हुई फायरिंग
पुलिस से मुठभेड़ में दोनों की मौत जानकारी के मुताबिक, अंकित बालियान की हत्या के बाद मोहित और सुमित बागपत के रास्ते लोनी की ओर से फरार हो रहे थे। पुलिस ने दोनों को सुबह औद्योगिक क्षेत्र के पास सोनीपत जाने वाले रास्ते पर घेर लिया। पुलिस का कहना है कि घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। छह महीने से घर से गायब था मोहित मोहित के परिवार के मुताबिक, वह करीब छह महीने पहले घर से लापता हो गया था।
अंकित बालियान हत्याकांड मुठभेड़ में मारे गए शूटर मोहित की तस्वीरअपराध की दुनिया में रखा कदम
परिवार पहले किराए के मकान में रहता था। मोहित के लापता होने के बाद उसकी मां, भाई और बहन अपने मामा के घर रहने लगे। परिजनों का कहना है कि 6 महीने से मोहित के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। अंकित बालियान हत्याकांड में उसका नाम सामने आने और पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत की जानकारी भी उन्हें बाद में मिली। 9वीं के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखा मोहित की मां के मुताबिक, उसने 9वीं कक्षा के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखा था। दोस्तों के साथ हुए विवाद के एक मामले में वह जेल भी गया था। पैरोल पर बाहर आने के बाद उसने बेयापुर खुर्द छोड़ दिया था।
महीने पहले हुई थी आखिरी बातचीत
मां का कहना है कि मोहित कई बार खुद को सुधारने की बात करता था, लेकिन उसके आसपास रहने वाले दोस्त उसे अपराध से बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। आखिरी बातचीत के बाद नहीं हुआ संपर्क परिवार के मुताबिक, मोहित की घरवालों से आखिरी बातचीत करीब 6 महीने पहले हुई थी। इसके बाद उसका कोई संपर्क नहीं हुआ। परिजनों को यह भी जानकारी नहीं थी कि उसे यूपी पुलिस ने कब पकड़ा और उसके साथ मुठभेड़ कब हुई। अंकित बालियान हत्याकांड में एनकाउंटर के दौरान मोहित की मौत हो गई। उसकी मौत की खबर सुनकर मां बेसुध हो गईं। परिवार में मातम का माहौल है। परिवार के सदस्य फिलहाल अपने मामा के यहां रह रहे हैं।