Timber Smuggling: दसपुर में USTR की बड़ी कार्रवाई, 3 घन मीटर लकड़ी बरामद, पुरानी जब्ती से जुड़े तार
Timber Smuggling: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) ने ओडिशा के दसपुर गांव में पुलिस और वन विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई कर करीब 3 घन मीटर इमारती लकड़ी बरामद की। जांच में लकड़ी के दो साल पुरानी जब्ती से जुड़े होने की सूचना सामने आने के बाद मामले की पड़ताल तेज कर दी गई है। तीन संदिग्धों के ठिकानों पर तलाशी के दौरान भी लकड़ी मिली है।
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कीर्तिमान डेस्क | यशोदा साहू
31 Aug 2026, 04:44 PM
गरियाबंद
Timber Smuggling: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सक्रिय बताए जा रहे अंतर्राज्यीय इमारती लकड़ी तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टाइगर रिजर्व की टीम ने ओडिशा पुलिस और नबरंगपुर वन विभाग के सहयोग से 24 अगस्त को ओडिशा के दसपुर गांव में संयुक्त एंटी-स्मगलिंग ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान करीब 3 घन मीटर चिरान बरामद किया गया। जांच के दौरान इस लकड़ी को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि बरामद की गई चिरान को करीब दो साल पहले भी अभयारण्य प्रशासन द्वारा जब्त किया गया था। हालांकि, इस सूचना की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुरानी जब्ती की होगी जांच
मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए USTR प्रशासन ने रायघर वन अधिकारियों से जानकारी मांगी है। उप निदेशक वरुण जैन के मुताबिक, दसपुर गांव में पिछले करीब डेढ़ साल के दौरान दो बड़े ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इन कार्रवाइयों में करीब 30 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। उस दौरान जब्त सामग्री रायघर रेंज के सुपुर्द की गई थी। उनका कहना है कि कई बार पत्राचार किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से सीजर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। 24 अगस्त की कार्रवाई में मिली जानकारी के बाद अब पहले की जब्ती और मौजूदा बरामदगी से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। USTR ने रायघर के वन अधिकारियों को पत्र लिखकर पूर्व में जब्त लकड़ी की जानकारी मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच और सीजर रिपोर्ट के मिलान के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अवैध लकड़ी की जब्तीखुफिया सूचना के बाद तैयार हुआ ऑपरेशन
वन विभाग को रायघर फॉरेस्ट रेंज में अवैध रूप से सागौन समेत अन्य इमारती लकड़ी के भंडारण और तस्करी की सूचना मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर USTR ने ओडिशा पुलिस और नबरंगपुर वन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई। ऑपरेशन नबरंगपुर जिले के रायघर रेंज अंतर्गत दसपुर गांव में किया गया। टीम सुबह करीब 10 बजे ऑपरेशनल क्षेत्र में पहुंची। ओडिशा वन अधिकारियों की ओर से सर्च वारंट की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे व्यवस्थित तलाशी शुरू की गई।
थर्मल ड्रोन से निगरानी, डॉग स्क्वायड ने भी की मदद
कार्रवाई के दौरान टीम ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। संदिग्ध परिसरों में तलाशी लेने से पहले थर्मल इमेजिंग ड्रोन से इलाके की हवाई निगरानी की गई। इसके जरिए संभावित लकड़ी भंडारण वाले स्थानों की पहचान और मैपिंग की गई। इससे टीम को पूरे इलाके में बेतरतीब तलाशी लेने के बजाय चिन्हित स्थानों पर कार्रवाई करने में मदद मिली। USTR के डॉग स्क्वायड की टीना ने भी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने उसके सहयोग से छिपाकर रखी गई लकड़ी की तलाश की।
तीन संदिग्धों के ठिकानों पर तलाशी
सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर टीम ने तीन संदिग्धों के परिसरों की तलाशी ली। इनमें कृष्णकांत हल्दार उर्फ किशनो हल्दार, पिता महेंद्र हल्दार शामिल है। वह फिलहाल फरार बताया गया है और उसके परिसर में 35(3) BNSS के तहत नोटिस चस्पा किया गया है। दूसरा नाम अखिल सरकार, पिता अश्वनी सरकार का है, जो बिजली विभाग में लाइनमैन बताया गया है। वह भी फरार है। वहीं तीसरे व्यक्ति नागेन तालुकदार, पिता चित्तरंजन तालुकदार को 35(3) BNSS के तहत नोटिस तामील किया गया है। तीनों ठिकानों से बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ी बरामद होने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जांच में रायघर रेंज से जुड़े कुछ मामलों में अनियमितताओं और अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करी के संभावित कनेक्शन के संकेत मिले हैं। फिलहाल USTR ने पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूर्व की जब्ती से संबंधित रिकॉर्ड और 24 अगस्त की कार्रवाई में बरामद लकड़ी के विवरण का मिलान होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।