Wednesday, 29 Jul 2026 भारत
ब्रेकिंग
युवक ने फांसी लगाकर दी जान, प्रेम संबंध से जुड़ी परेशानी की आशंका, पुलिस जांच में जुटी बड़ी उपलब्धि : चार घंटे की जटिल सर्जरी के बाद बदली जिंदगी, बस्तर में पहली बार बदला गया हार्ट वॉल्व स्टील प्लांट हादसा : इंडक्शन फर्नेस की चपेट में आए 4 श्रमिक, 2 की हालत गंभीर शातिर चोरों का कारनामा : दुर्ग में कारोबारी की कार का शीशा तोड़कर 4.90 लाख पार, CCTV में संदिग्ध कैद युवक ने फांसी लगाकर दी जान, प्रेम संबंध से जुड़ी परेशानी की आशंका, पुलिस जांच में जुटी बड़ी उपलब्धि : चार घंटे की जटिल सर्जरी के बाद बदली जिंदगी, बस्तर में पहली बार बदला गया हार्ट वॉल्व स्टील प्लांट हादसा : इंडक्शन फर्नेस की चपेट में आए 4 श्रमिक, 2 की हालत गंभीर शातिर चोरों का कारनामा : दुर्ग में कारोबारी की कार का शीशा तोड़कर 4.90 लाख पार, CCTV में संदिग्ध कैद
W 𝕏 f
होम रायपुर संभाग लगातार बारिश से आरंग के किसानों की बढ़ी परेशानी, …
परेशान किसान (AI)
परेशान किसान (AI)
रायपुर संभाग

लगातार बारिश से आरंग के किसानों की बढ़ी परेशानी, तीसरी बार बोवनी के बाद भी नहीं उगी धान

आरंग तहसील में लगातार हो रही तेज बारिश से धान की फसल प्रभावित हो रही है। कई गांवों में किसानों को तीसरी बार बोवनी करने के बाद भी खेतों में पौधे तैयार नहीं हो पा रहे हैं। जलभराव के कारण बीज और अंकुर खराब होने से किसानों की लागत बढ़ गई है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर बीज सहायता और फसल बीमा के तहत मुआवजा देने की मांग की है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
29 Jul 2026, 05:36 PM
आरंग
खरीफ सीजन में लगातार हो रही बारिश अब किसानों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। आरंग तहसील के कई गांवों में धान की फसल प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि कई किसानों को तीसरी बार धान की बोवनी करनी पड़ रही है, लेकिन इसके बाद भी खेतों में पौधे तैयार नहीं हो पा रहे हैं।

खेतों में जलभराव से बीज हो रहे खराब 

किसानों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रह रहा है। इससे धान के बीज अंकुरित होने के बाद गलकर खराब हो जा रहे हैं। कई जगहों पर नन्हे पौधे भी पानी में नष्ट हो गए हैं। किसानों का कहना है कि बार-बार बोवनी करने से उनकी लागत बढ़ गई है, लेकिन मौसम की मार के कारण मेहनत और पैसा दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। 

पहले सूखे की चिंता, अब बारिश बनी संकट 

ग्रामीण किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन की शुरुआत में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बोवनी में देरी हुई थी। अब जब बारिश शुरू हुई तो लगातार तेज वर्षा और जलभराव ने नई समस्या खड़ी कर दी है। खेतों की स्थिति ऐसी हो गई है कि दोबारा बोवनी के बाद भी फसल संभल नहीं पा रही है।

बीमा योजना पर किसानों ने उठाए सवाल 

किसानों का कहना है कि कृषि ऋण लेते समय फसल बीमा का प्रीमियम बैंक और सहकारी समितियों के माध्यम से काट लिया जाता है, लेकिन जब शुरुआती चरण में ही बीज खराब हो जाता है तो उन्हें तत्काल राहत नहीं मिलती। किसानों ने मांग की है कि बारिश से बीज खराब होने और पुनर्बोवनी की स्थिति को भी फसल बीमा के दायरे में शामिल किया जाए। 

सर्वे कर मुआवजा देने की मांग 

प्रभावित किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जिन खेतों में लगातार बारिश और जलभराव के कारण धान की बोवनी खराब हुई है, उनका जल्द सर्वे कराया जाए। साथ ही किसानों को दोबारा बोवनी के लिए बीज सहायता और आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे खेती को संभाल सकें। किसानों का कहना है कि यदि समय पर राहत नहीं मिली तो इस साल धान उत्पादन पर बड़ा असर पड़ सकता है। बढ़ती लागत, महंगे बीज और मौसम की अनिश्चितता ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब उनकी उम्मीदें प्रशासन की राहत व्यवस्था और बीमा सहायता पर टिकी हुई हैं।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें