Arang News: छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित किए जा रहे सेवा संकल्प अभियान और ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय आयोजनों और प्रचार पर सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है।
महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना
डॉ. डहरिया ने कहा कि आम लोगों के सामने महंगाई एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उनके मुताबिक रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और खाद्य तेल की कीमतों का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब आम परिवार रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे समय में बड़े स्तर पर दीये जलाने जैसे आयोजनों पर खर्च करना कितना उचित है। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार जमीनी समस्याओं के बजाय विज्ञापनों और आयोजनों के जरिए अपनी उपलब्धियां दिखाने में अधिक रुचि ले रही है।
खराब सड़कों को लेकर भी सरकार को घेरा
प्रदेश की सड़कों की स्थिति को लेकर भी डॉ. डहरिया ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार को दीये ही जलाने हैं तो उन्हें सड़कों के गड्ढों के पास जलाया जाए, ताकि रात में लोगों को रास्ते में मौजूद गड्ढे दिखाई दे सकें। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और सरकार को इस समस्या पर गंभीरता से काम करना चाहिए। डहरिया ने आरोप लगाया कि सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों की जगह सरकारी तंत्र का ध्यान राजनीतिक आयोजनों पर लगाया जा रहा है।
प्रदेश की सड़कों की स्थिति को लेकर भी डॉ. डहरिया ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार को दीये ही जलाने हैं तो उन्हें सड़कों के गड्ढों के पास जलाया जाए, ताकि रात में लोगों को रास्ते में मौजूद गड्ढे दिखाई दे सकें। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और सरकार को इस समस्या पर गंभीरता से काम करना चाहिए। डहरिया ने आरोप लगाया कि सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों की जगह सरकारी तंत्र का ध्यान राजनीतिक आयोजनों पर लगाया जा रहा है।
निकायों के इस्तेमाल पर भी सवाल
पूर्व नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री ने नगर निगम, नगर पालिका और पंचायतों से जुड़े प्रशासनिक कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय निकायों और सरकारी विभागों को जनसेवा के कार्यों से हटाकर राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारियों में लगाया जा रहा है। डॉ. डहरिया के अनुसार, प्रशासनिक अमले की प्राथमिकता सड़क, पेयजल, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाएं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किसी राजनीतिक आयोजन के प्रचार-प्रसार के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

